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शब्दाक्षर राजस्थान की काव्य गोष्ठी में गूंजा राष्ट्रप्रेम, “एक शाम देश के नाम” कार्यक्रम में सजी देशभक्ति की महफिल


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शब्दाक्षर राजस्थान की काव्य गोष्ठी में गूंजा राष्ट्रप्रेम, “एक शाम देश के नाम” कार्यक्रम में सजी देशभक्ति की महफिल

शब्दाक्षर राजस्थान की काव्य गोष्ठी में गूंजा राष्ट्रप्रेम, “एक शाम देश के नाम” कार्यक्रम में सजी देशभक्ति की महफिल

जनमानस शेखावाटी संवाददाता :  रविन्द्र पारीक

नवलगढ़ : शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था राजस्थान के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के अवसर पर गायत्री मंदिर परिसर में “एक शाम देश के नाम” कार्यक्रम के तहत काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शब्दाक्षर संरक्षक एवं प्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दयाशंकर जांगिड ने की। मुख्य अतिथि ठाकुर आनंदसिंह शेखावत तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी कैलाश चोटिया, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार जांगिड, शिक्षाविद दीपचंद पंवार एवं डॉ. अनिल कुमार शर्मा रहे।

कार्यक्रम में शब्दाक्षर राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने दूरभाष पर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहित्यकारों को ऐसे राष्ट्रप्रेम से जुड़े आयोजन निरंतर करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशप्रेम की भावना राष्ट्र गौरव को बढ़ाती है और हमारी सभ्यता-संस्कारों की धरोहर को संजोए रखती है।

कार्यक्रम की शुरुआत भवानी शंकर सैनी द्वारा मां शारदे की वंदना से की गई। विशिष्ट अतिथि कैलाश चोटिया ने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों से समाज में नई ऊर्जा का संचार होता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. दयाशंकर जांगिड ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने फौजियों और किसानों के योगदान को याद करते हुए युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने पर जोर दिया।

काव्य गोष्ठी में शब्दाक्षर जिला अध्यक्ष कवि रमाकांत सोनी ने अपनी देशभक्ति रचना “शहीद स्मारक साक्षी है आन-बान और शान की…” प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा डॉ. कैलाश शर्मा, भवानी शंकर सैनी, सुरेश कुमार जांगिड, महेंद्र कुमावत, जगदीश प्रसाद जांगिड, वैद्य रामकृष्ण शौनक, सुमन राठौड़, सज्जन जोशी, दिव्याशी धूत एवं पंकज शाह ने देशभक्ति रचनाएं प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

इस अवसर पर सीताराम घोड़ेला, दिनेश चंदेल, बाबूलाल शर्मा, टी.एम. त्रिपाठी, रतन नारनोलिया, संगीता धूत, संतोष जांगिड सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि रमाकांत सोनी ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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