संयुक्त शासन सचिव ने 26 जनवरी को ध्वज फहराने की बजाय ध्वजारोहण का आदेश जारी कर दिया
अधिकारी राष्ट्रीय पर्व और तिरंगे को हल्के में ले रहे हैं, या ज्ञान नहीं है?
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : राजस्थान सरकार के सामान्य प्रशासन ग्रुप २ विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस के संबंध में जारी आदेश से साफ पता चल रहा है कि अधिकारी राष्ट्रीय पर्व और तिरंगे को कितना हल्के में ले रहे हैं। या फिर उन्हें ज्ञान ही नहीं है।
मिली जानकारी के अनुसार संयुक्त शासन सचिव दाताराम ने पिछले दिवस एक आदेश जारी करते हुए 26 जनवरी को उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों एवं कलेक्टर्स को ध्वजारोहण करने के लिए अधिकृत किया है। जबकि गणतंत्र दिवस के मौके पर ध्वज फहराया जाता है। ध्वजारोहण तो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किया जाता है। सभी जानते हैं कि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ था। इससे पहले अंग्रेजों का ध्वज था। इस दिन उनका ध्वज उतार दिया था और ध्वजारोहण करके तिरंगा स्थापित किया गया था। तब से हर वर्ष 15 अगस्त को हमारे देश में ध्वजारोहण किया जाता है। इस दिन झंडा नीचे से ऊपर की ओर जाकर स्थापित होता है।
इसी प्रकार 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था। इस लिए हम हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं और ध्वज को फहराते हैं। इस दिन ध्वज ऊपर ही रहता है, उसे फहराया जाता है। इस प्रकार ध्वजारोहण और ध्वज फहराने में अंतर है। संयुक्त शासन सचिव दाताराम के इस आदेश की खूब चर्चा हो रही है। साथ ही कई सवाल भी उठ रहे हैं। कैसे कैसे अधिकारी लोग हैं, बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखते हैं। ये बड़े ही दुर्भाग्य की बात है। लगता है अधिकारियों में नीचे से ऊपर तक 12 ही बजे हुए हैं। अब देखना यह है कि जिनको अधिकृत किया गया है वे आदेश के अनुसार ध्वजारोहण करेंगे या नियमानुसार ध्वज फहराएंगे।
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