चूरू के जांबाज भाइयों का ऐतिहासिक सफर: 33 दिनों में नापा कश्मीर से कन्याकुमारी
चूरू के जांबाज भाइयों का ऐतिहासिक सफर: 33 दिनों में नापा कश्मीर से कन्याकुमारी
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : “साहस और जुनून हो तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं।” इस कहावत को चूरू के दो युवा भाइयों, ललित जांगिड़ और निखिल जांगिड़ ने सच कर दिखाया है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4,112 किलोमीटर की कठिन साइकिल यात्रा पूरी कर चूरू लौटने पर शहरवासियों ने इन्द्रमणि पार्क में उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि ने बढ़ाया उत्साह समारोह के मुख्य अतिथि विधायक हरलाल सारण ने दोनों युवाओं का माला पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
विधायक सारण ने कहा कि बर्फीले पहाड़ों से समंदर के तट तक का यह सफर केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि ‘फिट इंडिया’ का एक जीवंत संदेश है। इन युवाओं की इस उपलब्धि से देश के लाखों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी।
संघर्ष की दास्तां: जंगल में टेंट और बर्फीली राहें अखिल भारतीय विश्वकर्मा छात्र एवं युवा संघ के राष्ट्रीय महासचिव बी.एन. राजोतिया ने बताया कि: यह यात्रा 11 राज्यों से होकर गुजरी। युवाओं ने घने जंगलों, रेगिस्तान और दुर्गम पहाड़ियों का सामना किया। रात के समय जंगलों में टेंट लगाकर विश्राम किया और हर बाधा को पार करते हुए लक्ष्य हासिल किया।
भावुक क्षण और सम्मान कार्यक्रम के दौरान जब ललित और निखिल ने रास्ते की कठिनाइयों और अपने अनुभवों को साझा किया, तो उपस्थित जनसमूह रोमांचित हो उठा। बेटों की इस सफलता को देख पिता और भाई संजय जांगिड़ की आंखें नम हो गईं। पूर्व भाजपा विधायक प्रत्याशी तारानगर राकेश जांगिड़ ने भी दूरभाष के माध्यम से युवाओं को बधाई दी।समारोह में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व समारोह की अध्यक्षता श्री विश्वकर्मा मंदिर प्रबंधक समिति के नरोत्तममल जांगिड़ ने की।
इस अवसर पर भंवर लाल चोयल, चिरंजीलाल गहलोत, संदीप जांगिड़, अनिल खारिया, ओम प्रकाश खारिया सहित सैंकड़ों शहरवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विनोद कुमार सैनी आकाश ने किया।
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