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1965 युद्ध शहीद फैयाज खान का बने स्मारक:भारत-पाक युद्ध टैंक चालक के रूप में दी थी शहादत; भूमि आवंटन की मांग


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1965 युद्ध शहीद फैयाज खान का बने स्मारक:भारत-पाक युद्ध टैंक चालक के रूप में दी थी शहादत; भूमि आवंटन की मांग

1965 युद्ध शहीद फैयाज खान का बने स्मारक:भारत-पाक युद्ध टैंक चालक के रूप में दी थी शहादत; भूमि आवंटन की मांग

झुंझुनूं : 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए फैयाज मोहम्मद खान की स्मृति में स्मारक निर्माण की मांग को लेकर गौरव सेनानी सेवा समिति झुंझुनूं ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है। समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड कैप्टन अनिल कुमार ढाका के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर अरुण गर्ग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को औपचारिक मांग पत्र सौंपते हुए बामनवास गांव में शहीद फैयाज मोहम्मद खान के स्मारक के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि आवंटित करने की मांग की।

टैंक चालक के रूप में दी थी शहादत

शहीद फैयाज मोहम्मद खान बामनवास गांव के निवासी थे। 1965 के युद्ध के दौरान वे भारतीय सेना में टैंक चालक के रूप में तैनात थे। बेहद कम उम्र में उन्होंने दुश्मन से मोर्चा लेते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की और युद्ध में शहीद हो गए। उनके साहस और पराक्रम को आज भी क्षेत्र के लोग सम्मान के साथ याद करते हैं।

वीरांगना की इच्छा, बलिदान बने प्रेरणा

शहीद फैयाज मोहम्मद खान की कोई संतान नहीं है। उनकी पत्नी जैतुन बानो ने पति की शहादत के बाद दूसरा विवाह नहीं किया और जीवनभर शहीद की यादों के साथ जीवन बिताया। अब वृद्धावस्था में उनकी इच्छा है कि उनके पति के बलिदान को एक स्मारक के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए, ताकि युवा शहादत से प्रेरणा ले सकें।

समिति की मांग, शीघ्र हो भूमि आवंटन

गौरव सेनानी सेवा समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड कैप्टन अनिल कुमार ढाका ने कहा कि शहीद फैयाज मोहम्मद खान ने बहुत कम उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरांगना ने पूरे सम्मान के साथ यह गौरव संभालकर रखा है। अब प्रशासन से मांग है कि बामनवास गांव में जल्द से जल्द भूमि आवंटित की जाए, ताकि शहीद की स्मृति में स्मारक का निर्माण किया जा सके और उनका बलिदान अमर बना रहे।

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