झुंझुनूं में 44 गाड़ियों पर फर्जी VIP नंबर प्लेट:150 से ज्यादा कारों की RC कैंसिल होगी, दो पूर्व DTO समेत चार पर FIR
झुंझुनूं में 44 गाड़ियों पर फर्जी VIP नंबर प्लेट:150 से ज्यादा कारों की RC कैंसिल होगी, दो पूर्व DTO समेत चार पर FIR
झुंझुनूं : झुंझुनूं RTO में VIP नंबर घोटाले का मामला सामने आया है। नए वाहनों को अवैध तरीके से पुराने VIP नंबर अलॉट करने के मामले में दो पूर्व DTO समेत चार कर्मचारियों पर FIR दर्ज हुई है। जांच में सामने आया कि 659 वाहनों को नंबर दिए गए, जिनमें 44 पूरी तरह फर्जी पाए गए, जबकि 150 से अधिक मामलों में गंभीर गड़बड़ी मिली है। संदिग्ध वाहनों की RC निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कोतवाली थाना प्रभारी श्रवण कुमार ने बताया- जिला परिवहन अधिकारी (DTO) मोनू सिंह मीणा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। जांच के लिए DTO कार्यालय से संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाएंगे।
बैकलॉग की आड़ में हुआ खेल
नियमों के अनुसार किसी पुराने वाहन का नंबर तभी सरेंडर या री-इश्यू किया जा सकता है, जब उसका विधिवत बैकलॉग रिकॉर्ड मौजूद हो। आरोप है कि झुंझुनूं DTO कार्यालय में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से सिस्टम में फर्जी बैकलॉग एंट्री कर दी। इसी फर्जीवाड़े के जरिए सालों पहले बंद हो चुके VIP नंबरों को दोबारा “जिंदा” किया गया और उन्हें अवैध रूप से नई लग्जरी गाड़ियों को अलॉट कर दिया गया।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
वर्तमान DTO मोनू सिंह मीणा की रिपोर्ट पर जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
- संजीव कुमार दलाल – पूर्व DTO (कार्यकाल फरवरी 2024 तक)
- मक्खनलाल जांगिड़ – पूर्व DTO (कार्यकाल 27 फरवरी 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक)
- गजेंद्र सिंह मीणा – अतिरिक्त सहायक अधिकारी (AAO)
- अभिलाषा – सूचना सहायक
44 वाहनों को फर्जी तरीके से जारी किए नंबर
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर कराई गई उच्च स्तरीय जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दोनों पूर्व DTO के कार्यकाल के दौरान 659 वाहनों को पुराने VIP नंबर जारी किए गए। जांच में पाया गया कि इनमें से 44 वाहनों को पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों और अवैध प्रक्रिया के जरिए नंबर दिए गए। विभाग ने संदिग्ध पाए गए वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर गाड़ी के साथ उपस्थित होने को कहा था। अब तक की जांच में 150 से अधिक वाहन ऐसे मिले हैं, जिनमें बैकलॉग भरने में साफ तौर पर हेराफेरी की गई है।
गाड़ियों की RC होगी निरस्त
DTO मोनू सिंह मीणा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिन 150 से अधिक वाहनों का सत्यापन संदिग्ध पाया गया है, उन्हें विभाग की ओर से अंतिम नोटिस जारी किया जा रहा है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इन सभी वाहनों की RC (पंजीकरण प्रमाण पत्र) निरस्त कर दी जाएगी। इसके बाद ये वाहन सड़कों पर अवैध माने जाएंगे।
पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त जांच में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पिछले एक एक DTO को किया गया था सस्पेंड
दोषी पाए जाने पर पिछले साल मई में निलंबन किया गया था। झुंझुनूं में फरवरी 2024 तक संजीव कुमार दलाल DTO रहे। इसके बाद 27 फरवरी 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक मक्खनलाल जांगिड़ DTO रहे। परिवहन आयुक्त की शिकायत पर जांच कराई गई, जिसमें फर्जीवाड़ा सामने आने पर 8 मई को DTO मक्खनलाल जांगिड़ को सस्पेंड कर दिया गया।
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