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जसरापुर के चनेजा की ढाणी में लगी आग, 300 मण कड़बी जलकर राख, ग्रामीणों ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग


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जसरापुर के चनेजा की ढाणी में लगी आग, 300 मण कड़बी जलकर राख, ग्रामीणों ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग

जसरापुर के चनेजा की ढाणी में लगी आग, 300 मण कड़बी जलकर राख, ग्रामीणों ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड क्षेत्र के जसरापुर ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 8 स्थित चनेजा की ढाणी में रविवार को अचानक लगी आग से गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस आग में सुल्तान चनेजा के खेत में पशुओं के लिए संग्रहित करीब 300 मण कड़बी पूरी तरह जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि यह कड़बी सालभर के लिए पशुओं के चारे के रूप में रखी गई थी, जिसके जल जाने से पीड़ित परिवार को करीब लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

घटना के संबंध में रेवती देवी ने बताया कि सुबह वह खेत में पशुओं को चारा डालने के बाद घर लौट गई थीं। कुछ समय बाद खेत में रखी कड़बी की छूरी से अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग की लपटें उठती देख उन्होंने शोर मचाया, जिस पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। किसी ने हेडपंप से पानी निकाला, किसी ने ट्यूबवेल चालू किया, तो कई लोगों ने मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। तेज हवा और सूखे चारे के कारण आग तेजी से फैलती रही और हालात बेकाबू होते चले गए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के खेतों और ढाणियों तक फैलने का खतरा बना हुआ था।

स्थिति गंभीर होने पर खेतड़ी से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।ग्रामीण झंडू राम गुर्जर ने बताया कि सुल्तान चनेजा की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वे पशुपालन के जरिए ही अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सालभर का चारा जल जाने से पशुओं के सामने भी संकट खड़ा हो गया है, जिससे परिवार की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।

आग बुझाने में मातूराम चौहान, रोहिताश चनेजा, राजवीर चनेजा, मोहित, गोलू, नरेश, अरविंद, विकास, सुंदरलाल, इन्द्राज, गोपाल नायक, राजेश जलन्द्रा, अनूप सहित कई युवाओं ने अहम भूमिका निभाई। वहीं महिलाओं में सुमन देवी, कविता देवी, सुलोचना देवी, संतरा देवी, दीपिका, संजना, मनीषा, कमला, कांता सहित अनेक ग्रामीण महिलाओं ने भी पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने में सक्रिय सहयोग किया।घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आग से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कर पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।

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