माकपा नेता बोले- भूमाफिया बेखौफ, जिला कलेक्टर मूकदर्शक हुए:अब पार्टी लड़ेगी पंचायत चुनाव, भाजपा-कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र उखाड़ फेंकेंगे
माकपा नेता बोले- भूमाफिया बेखौफ, जिला कलेक्टर मूकदर्शक हुए:अब पार्टी लड़ेगी पंचायत चुनाव, भाजपा-कांग्रेस का भ्रष्ट तंत्र उखाड़ फेंकेंगे
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : अंसार मुज्तर
मलसीसर : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) तहसील कमेटी मलसीसर की बैठक शुक्रवार को शहीद स्मारक पर आयोजित की गई। पूर्व जिला सचिव सुमेर सिंह बुडानिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर रणनीति तैयार की गई और संगठन की मजबूती पर चर्चा की गई। बैठक में जिला सचिव कामरेड राजेश बिजारणिया बतौर पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
बैठक में जिला सचिव राजेश बिजारणिया ने कहा- प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार ने आम जनता का जीना दुभर कर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि माकपा आगामी पंचायत चुनावों में पूरी मजबूती के साथ उतरेगी और पंचायती राज से भाजपा व कांग्रेस के “भ्रष्ट तंत्र” को उखाड़ फेंकेगी।
बिजारणिया ने कहा- माकपा संघर्ष का दूसरा नाम है। हम सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक बड़े जन आंदोलन का आगाज करने जा रहे हैं। जिले में सक्रिय भू-माफियाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज जिले में माफियाओं का राज चल रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भू-माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि शहीदों के स्मारकों को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिला कलेक्टर की आंखों के सामने यह सब हो रहा है, लेकिन वे मूकदर्शक बने हुए हैं।
तहसील सचिव महिपाल पूनिया के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में तीन मुख्य एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने के लिए सदस्यता अभियान में तेजी लाना। मतदान केंद्रों पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए नियुक्तियां सुनिश्चित करना। आगामी पंचायत चुनावों के लिए जिताऊ उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों का चयन करना।
बैठक में सौरभ जानू, साहिद चैनपुरा और अमित पूनिया ने भी अपने विचार रखे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया।
स्मार्ट मीटर और बिजली कानून का विरोध
बैठक के समापन के पश्चात पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा।जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाली स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल वापस लिया जाए। जनविरोधी बिजली अधिनियम 2025 को निरस्त किया जाए। रबी फसल 2022-23 के बकाया मुआवजा भुगतान का अविलंब निस्तारण किया जाए।
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