[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

अगवाना खुर्द में भूगोल व्याख्याता के ट्रांसफर के खिलाफ पांचवें दिन भी उग्र विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, राजनीतिक दबाव व द्वेषभाव का लगाया आरोप


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसूरजगढ़

अगवाना खुर्द में भूगोल व्याख्याता के ट्रांसफर के खिलाफ पांचवें दिन भी उग्र विरोध, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, राजनीतिक दबाव व द्वेषभाव का लगाया आरोप

छात्रों का ऐलान : अनिल सर की वापसी तक कक्षा में नहीं जाएंगे

सूरजगढ़ : ब्लॉक के अगवाना खुर्द स्थित राजकीय विद्यालय में भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार के स्थानांतरण को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को आंदोलन का पांचवां दिन रहा, लेकिन कड़ाके की सर्दी भी छात्रों और ग्रामीणों के हौसले नहीं तोड़ सकी। बोर्ड परीक्षाएं नजदीक होने के बावजूद विद्यार्थी स्कूल परिसर के बाहर धरने पर डटे हुए हैं और शिक्षा विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

छात्रों व ग्रामीणों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक शिक्षक के स्थानांतरण का नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य, सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बोर्ड परीक्षा की तैयारी से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। विद्यार्थियों ने साफ कहा है कि अनिल कुमार की वापसी तक वे कक्षा में कदम नहीं रखेंगे।

रविवार से शुरू हुआ यह विरोध अब लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानांतरण आदेश के बाद ग्रामीणों ने छुट्टी के दिन ही धरना शुरू कर दिया था, जो सोमवार से छात्रों की बड़ी भागीदारी के साथ आंदोलन का रूप ले चुका है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में आ गया है।

गुरुवार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम दीपक चंदन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मांग की कि यह मामला तत्काल जिला कलेक्टर तक पहुंचाया जाए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि भूगोल व्याख्याता का ट्रांसफर राजनीतिक दबाव और द्वेषभावना के तहत किया गया है।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थानांतरण आदेश रद्द नहीं किया गया, तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे। आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों का यह भी कहना है कि उनके अभिभावकों पर आंदोलन से हटने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि वे अपनी स्वेच्छा से इस विरोध में शामिल हैं।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले अनुभवी शिक्षक को हटाने का क्या औचित्य है, और इसका खामियाजा बच्चों के भविष्य को क्यों भुगतना पड़े।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin