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श्री सरदारपुरा में ट्यूबवेल खुदाई अधूरी, ग्रामीणों में आक्रोश:स्थायी समाधान की मांग, बोले- उसी जगह खुदाई शुरू नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे


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श्री सरदारपुरा में ट्यूबवेल खुदाई अधूरी, ग्रामीणों में आक्रोश:स्थायी समाधान की मांग, बोले- उसी जगह खुदाई शुरू नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे

श्री सरदारपुरा में ट्यूबवेल खुदाई अधूरी, ग्रामीणों में आक्रोश:स्थायी समाधान की मांग, बोले- उसी जगह खुदाई शुरू नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : मानोता जाटान ग्राम पंचायत के राजस्व गांव श्री सरदारपुरा के वार्ड नंबर 9 में थ्री-फेज ट्यूबवेल की खुदाई का काम बीच में ही रोक दिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गुरुवार को ग्रामीणों ने रणवीर कमांडो और माईलाल बोयल के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उसी स्थान पर ट्यूबवेल की खुदाई फिर से शुरू नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

काम रोकने से ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों ने बताया कि सांसद की अनुशंसा पर वार्ड नंबर 9 और 11 की मेघवाल बस्ती के लिए थ्री-फेज बोरिंग की स्वीकृति मिली थी। लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद थी। सोमवार को बोरिंग मशीन मौके पर पहुंची और पूजा-अर्चना के बाद खुदाई का काम शुरू किया गया। हालांकि अगले ही दिन मंगलवार रात को बिना किसी पूर्व सूचना के बोरिंग मशीन को वहां से हटा लिया गया। कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी और निराशा बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

आक्रोशित ग्रामीण गुरुवार को कुम्हारड़ा जोड़ स्थित थान दादा मंदिर के पास एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब स्वीकृति मिल चुकी थी और खुदाई का काम शुरू हो गया था, तो उसे अचानक क्यों रोका गया। उन्होंने इस तरह कार्य अधूरा छोड़ने को ग्रामीणों के साथ अन्याय बताया।

थ्री-फेज ट्यूबवेल की खुदाई दोबारा शुरू करने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द उसी स्थान पर थ्री-फेज ट्यूबवेल की खुदाई दोबारा शुरू कराई जाए और पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे तहसील और जिला स्तर पर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में मिठ्ठू मेघवाल, अनिल बोयल, नवीन बेरवाल, अरविंद बोयल, कैलाश बेरवाल, विकास बेरवाल, अनूप काजला, सुल्तान बोयल, दिलीप बेरवाल, मनीराम काजला, कमल बोयल, अमीलाल बेरवाल, रणसिंह धनखड़, शीशराम बेरवाल, सुनील बोयल, रामप्यारी देवी, धापू देवी, विमला देवी, बसंती देवी, मुन्नी देवी, कमलेश देवी, बोबड़ी कुमारी, कौशल्या देवी, ब्रजी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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