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नरहड़ में किसान आंदोलन के नेता गणपतराम बगरानिया की 52वीं पुण्यतिथि मनाई गई


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नरहड़ में किसान आंदोलन के नेता गणपतराम बगरानिया की 52वीं पुण्यतिथि मनाई गई

किसान सम्मेलन आयोजित, पिलानी विधायक पितराम सिंह काला रहे मुख्य अतिथि

नरहड़ : क्षेत्र के प्रख्यात किसान आंदोलन के नेता एवं समाज सुधारक गणपतराम बगरानिया की 52वीं पुण्यतिथि पर नरहड़ में श्रद्धांजलि समारोह एवं किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री गणपतराम बगरानिया स्मृति संस्थान के तत्वावधान में किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व प्रधान निहाल सिंह ने की, जबकि पिलानी विधायक पितराम सिंह काला मुख्य अतिथि रहे।

सम्मेलन की शुरुआत गणपतराम बगरानिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। अध्यक्षीय संबोधन में निहाल सिंह ने बगरानिया के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शेखावाटी किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने किसानों में जनजागृति पैदा कर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग किया। उन्होंने शिक्षा, मानवाधिकार और किसान हितों के लिए संघर्ष किया।

निहाल सिंह ने बताया कि बगरानिया द्वारा किए गए आंदोलनों से भयभीत होकर तत्कालीन जयपुर राज्य सरकार ने सन् 1923 में उन्हें देशनिकाला की सजा दी थी। उन्होंने चिड़ावा क्षेत्र में सशस्त्र क्रांति के लिए हथियारों का जखीरा भी एकत्रित किया तथा किसानों की मांगों को लेकर जयपुर के तत्कालीन प्रधानमंत्री सर मिर्जा इस्माइल खान से मिलकर राहत दिलवाई।

संस्थान के रामसिंह बगरानिया ने बताया कि रियासती दौर में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा मीणा जाति पर लगाए गए जरायमपेशा एक्ट के खिलाफ बगरानिया ने जयपुर राज्य मीणा सुधार समिति का गठन कर आंदोलन किया, जिसके परिणामस्वरूप यह कानून समाप्त हुआ और मीणा समाज को आरक्षण सूची में शामिल किया गया।

रामसिंह बगरानिया ने ग्रामीणों की ओर से सरकार से मांग की कि गणपतराम बगरानिया जैसे महापुरुष की जिला मुख्यालय पर प्रतिमा स्थापित की जाए तथा उनकी जीवनी को विद्यालयी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। इस संबंध में पिलानी विधायक को ज्ञापन भी सौंपा गया।

मुख्य अतिथि विधायक पितराम सिंह काला ने आश्वासन दिया कि वे जिला मुख्यालय पर प्रतिमा स्थापना और स्कूली पाठ्यक्रम में बगरानिया की जीवनी शामिल करवाने के लिए संबंधित मंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुंभाराम लिफ्ट योजना का पानी शीघ्र ही पिलानी विधानसभा क्षेत्र की जनता को मिलेगा।

सम्मेलन में इंद्राज सिंह मूर्तिकार ने लाल चौक में यमुना जल समझौते को लेकर पिछले 734 दिनों से चल रहे धरने को समर्थन देने का प्रस्ताव रखा, जिसे सम्मेलन में सर्वसम्मति से पारित कर आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया।

इस अवसर पर पूर्व एसपी अम्मीलाल धायल, दरगाह कमेटी चेयरमैन खलील बुढ़ाना, सचिव करीम पीरजी, शिक्षाविद राजेश धायल, कैप्टन अतर सिंह काजला, सूबेदार राजबीर बुडानिया, सूबेदार दाताराम लामोरिया, बीएफएम अशोक कुमार मीणा, एडवोकेट राजकुमार मेघवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने गणपतराम बगरानिया के संघर्षों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

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