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सरदारशहर में किसानों ने उपखंड ऑफिस का किया घेराव:देवासर माइनर मे घटिया निर्माण का आरोप, तहसील ऑफिस के अनिश्चितकाली घेराव की चेतावनी


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सरदारशहर में किसानों ने उपखंड ऑफिस का किया घेराव:देवासर माइनर मे घटिया निर्माण का आरोप, तहसील ऑफिस के अनिश्चितकाली घेराव की चेतावनी

सरदारशहर में किसानों ने उपखंड ऑफिस का किया घेराव:देवासर माइनर मे घटिया निर्माण का आरोप, तहसील ऑफिस के अनिश्चितकाली घेराव की चेतावनी

सरदारशहर : सरदारशहर में देवासर माइनर के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों का महापड़ाव छठे दिन भी उपखण्ड कार्यालय पर जारी रहा। कार्यालय का घेराव कर वार्ता का प्रयास किया गया, लेकिन नहर परियोजना का कोई अधिकारी उपस्थित नहीं होने के कारण बातचीत विफल रही।

घटिया सामग्री से निर्माण का आरोप किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि देवासर माइनर के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब किसानों ने इस संबंध में ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की, तो उलटा उन पर ही राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

तहसील ऑफिस के घेराव का ऐलान वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने अब 8 जनवरी को सरदारशहर के ताल मैदान में इकट्ठा होकर मुख्य मार्ग से रैली निकालने और तहसील कार्यालय का अनिश्चितकाल के लिए घेराव करने का ऐलान किया है। किसान नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर दृढ़ हैं।

किसान सभा के तहसील अध्यक्ष रामकरण भाम्भू ने कहा कि किसानों की आवाज दबाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जो पूरी तरह अनुचित हैं। वहीं, किसान नेता सांवरमल मेघवाल और रामकृष्ण छिम्पा ने जोर देकर कहा कि जब तक माइनर निर्माण की निष्पक्ष जांच कराकर अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री से कार्य नहीं कराया जाएगा, तब तक आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

ये रहे उपस्थित ​​​​​​​धरने में किसान सभा के तहसील अध्यक्ष भगवानाराम जाखड़, चिमनाराम पांडर, विक्रम सोनी, पुरनाराम सरावग, मानाराम पोटलिया, हाकम सिंह शिमला, निरान दास स्वामी, संदीप भारतीय, अनुराग, रूपचंद सारण, मुखराम जाखड़, फुसाराम पोटलिया, हजारी सारण, डॉक्टर मोहम्मद अख्तर भालेरी, लीलाधर सारण, महावीर कुलहरी, भजनलाल, लालचंद चौधरी, लालचंद वेद, राजेंद्र सारण, नरेश सारण सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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