रतनशहर में हवन के साथ हुआ सात दिवसीय कथा का समापन
रतनशहर में हवन के साथ हुआ सात दिवसीय कथा का समापन
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल
इस्लामपुर : रतनशहर स्थित शिव शक्ति श्याम शीतलदास मंदिर में चल रही भागवत कथा में शनिवार को मानवानंद महाराज ने सुदामा चरित्र एवं शुकदेव विदाई का प्रसंग सुनाया। महंत ने बताया कि सुदामा की पत्नी सुशीला में समझने की शक्ति थी। इसी वजह से उनके रिश्ते में प्रेम था। हमारी असली संपति पैसा, जमीन व जायदाद नहीं बल्कि असली संपति हमारा सुखी और स्वस्थ परिवार है। हमें अपने परिवार में एक-दूसरे का आदर और सम्मान करना चाहिए। सुख ओर दुख हमारे पारिवारिक सदस्य नहीं है ये मेहमान हैं कुछ दिन ठहर कर चले जाएंगे। प्रकृति में लगातार परिवर्तन होते रहते हैं। परिवर्तन सृष्टि का स्वाभाविक नियम हैं। धन-दौलत से सिर्फ सुविधाएं मिलती हैं सुख नहीं। सुख आपसी प्रेम से मिलता है। सुविधाओं से ही सुख मिलता तो धनवानों को कभी दुखी नहीं होना पड़ता। अंत में सुदामा चरित्र की मनमोहक झांकियां सजाई गई। हवन के साथ कथा का समापन हुआ।
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