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पुलिस कार्रवाई के विरोध में एसएफआई का आक्रोश प्रदर्शन, एसपी कार्यालय पर सौंपा मांगों का ज्ञापन


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पुलिस कार्रवाई के विरोध में एसएफआई का आक्रोश प्रदर्शन, एसपी कार्यालय पर सौंपा मांगों का ज्ञापन

पुलिस कार्रवाई के विरोध में एसएफआई का आक्रोश प्रदर्शन, एसपी कार्यालय पर सौंपा मांगों का ज्ञापन

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

सीकर : मुख्यमंत्री के शेखावाटी दौरे के दौरान छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं पर की गई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने सीकर जिला मुख्यालय पर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत को मांगों का ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की कड़ी निंदा की।

प्रदर्शन के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पुलिस द्वारा एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल, जिला उपाध्यक्ष सुमेर बुडानिया, कैलाश बलारा सहित कई कार्यकर्ताओं को रात के समय घरों से उठाकर थाने में बैठाया गया, जो पूरी तरह लोकतंत्र विरोधी और निंदनीय है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी जायज मांगों को लेकर ज्ञापन देने से रोकना असंवैधानिक है।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले दो वर्षों से केवल भाषण और वादे कर रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों के सवालों का कोई जवाब नहीं दे रहे। विद्यार्थी जानना चाहते हैं कि राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव कब होंगे, सीकर संभाग का क्या हुआ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कहां है तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कहां हैं। इन्हीं सवालों से डरकर सरकार ने पुलिस के माध्यम से छात्रों को दबाने का प्रयास किया।

विजेंद्र ढाका ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूरी रात एसएफआई कार्यकर्ताओं के घरों पर दबिश दी, इस दौरान उनके परिजनों और महिलाओं को परेशान किया गया तथा कई कार्यकर्ताओं को जबरन गिरफ्तार किया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई दोहराई गई तो छात्र संगठन एसएफआई आने वाले समय में इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।

प्रदेशाध्यक्ष ढाका ने साफ शब्दों में कहा कि अब जब भी मुख्यमंत्री या सरकार का कोई मंत्री सीकर या सीकर जिले के दौरे पर आएगा, तो एसएफआई कार्यकर्ता काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराएंगे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसे दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस को कार्रवाई करनी है तो नशा, अवैध शराब और अपराध फैलाने वाले गैंगस्टरों पर करे, न कि विद्यार्थियों और युवाओं पर। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आमजन, किसान, युवा और विद्यार्थियों की समस्याओं को नहीं सुना गया तो आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा। एसएफआई आने वाले समय में दमनकारी नीतियों के खिलाफ और मजबूती से संघर्ष करेगा।प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में एसएफआई के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

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