सीकर में मुख्यमंत्री दौरे से पहले छात्रों की गिरफ्तारी पर बवाल, एसएफआई का एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन का ऐलान
सीकर में मुख्यमंत्री दौरे से पहले छात्रों की गिरफ्तारी पर बवाल, एसएफआई का एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन का ऐलान
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
सीकर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के शेखावाटी दौरे से पहले छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं की कथित गिरफ्तारी को लेकर सीकर जिले में सियासी और छात्र हलकों में बवाल मच गया है। छात्र संगठन एसएफआई ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए आज दोपहर बाद कलेक्ट्रेट स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
मामला 24 दिसंबर का है, जब मुख्यमंत्री के शेखावाटी दौरे से एक दिन पहले रात के समय पुलिस द्वारा छात्र संगठन एसएफआई व एनएसयूआई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाकर पुलिस थानों में बैठाने का आरोप लगाया गया है। यह कार्रवाई सीकर जिले के फतेहपुर, सालासर और सुजानगढ़ क्षेत्रों में की गई बताई जा रही है।
इस मुद्दे को लेकर छात्र संगठन एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़, जिला अध्यक्ष महिपाल गुर्जर, जिला सचिव राकेश मुवाल तथा राजकीय कला महाविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष राजू गुर्जर ने मीडिया से रूबरू होते हुए पुलिस प्रशासन की कड़ी निंदा की। नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान छात्र केवल अपनी जायज मांगों को लेकर ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें अपराधियों की तरह रात के अंधेरे में घरों से उठा लिया।
एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा कि कुछ भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और अगर प्रदेश का मुख्यमंत्री ही जनता और विद्यार्थियों की बात नहीं सुनेगा तो फिर आमजन किसके पास जाएगा।
जाखड़ ने कहा कि विद्यार्थियों को बिना किसी अपराध के जबरन हिरासत में लिया गया, जो पूरी तरह निंदनीय है। इसी के विरोध में आज दोपहर बाद छात्र संगठन एसएफआई के कार्यकर्ता रैली निकालकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में मुख्यमंत्री का सीकर जिले में दौरा होता है, तो विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। अगर पुलिस प्रशासन में इतना दम है तो आगे भी किसी कार्यकर्ता को गिरफ्तार करके दिखाए।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री केवल किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता के मुख्यमंत्री हैं। जिला प्रशासन का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाना। यदि सरकार और प्रशासन ने इस तरह की कार्रवाइयों को नहीं रोका तो आगामी निकाय चुनावों में प्रदेश का युवा और विद्यार्थी वर्ग इसका करारा जवाब देगा।
एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग दोहराते हुए कहा कि राजस्थान में पिछले तीन वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी की जीत पर मुख्यमंत्री बधाई संदेश देते हैं, तो राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने पर सरकार चुप क्यों है। उन्होंने प्रदेश सरकार से तुरंत छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की।
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