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गौ माताओं के बीच मनाया 92वां जन्मदिवस


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गौ माताओं के बीच मनाया 92वां जन्मदिवस

ठाकुर आनन्द सिंह शेखावत का गौ-सेवा समर्पण बना मिसाल, शाम को काव्य गोष्ठी में हुआ भव्य सम्मान

जनमानस शेखावाटी संवाददाता :  रविन्द्र पारीक 

नवलगढ़ : समाज में मानवीय सेवा और संस्कारों की अनूठी मिसाल पेश करते हुए शेखावत कुलभूषण ठाकुर आनन्द सिंह शेखावत ने अपना 92वां जन्मदिवस श्री कृष्ण गौशाला ( दुर्घटनाग्रस्त गोवंश का उपचार केंद्र ) में असहाय एवं दुर्घटना पीड़ित गौ माताओं के बीच मनाया। जन्मदिवस को धार्मिक व सेवा भाव से जोड़ते हुए ठाकुर साहब ने गौ माता की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य बताते हुए यह पुण्य कार्य किया।

इस अवसर पर गौशाला में उपस्थित गौभक्तों व गणमान्यजनों की मौजूदगी में गौमाता के आहार हेतु गुड़ के कार्टून तथा श्री कृष्ण गौशाला के बैंक खाते में ₹21,000 का योगदान किया गया। साथ ही गौ सेवा में सक्रिय गौ भक्तों को दुपट्टा एवं ₹500 नकद देकर स्मृति सम्मान भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में ठाकुर साहब के सुपुत्र एडवोकेट कुंवर कृष्ण विजय सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे और सेवा कार्य में सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में नागरमल बलौदा, भैरूसिंह, वैद्य रामकृष्ण सौनक, श्रीकांत पारीक, सुरेश सोनी सुनालिया, रतनलाल सहित अनेक गौभक्त मौजूद रहे।

शाम को नवल कुंज में शेखावत कुलभूषण ठाकुर आनन्द सिंह शेखावत के सम्मान में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एडवोकेट कृष्ण विजय सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम ठाकुर साहब के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।

काव्य गोष्ठी में साहित्यकार सज्जन कुमार जोशी, अरविंद वशिष्ठ, वैद्य रामकृष्ण सौनक, श्रीकांत पारीक, नागरमल बलौदा, भैरूसिंह गौभक्त, सुरेश सोनी सुनालिया, रवि सिंह शेखावत, रतनलाल सहित अनेक साहित्यप्रेमियों ने उपस्थित होकर ठाकुर साहब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर भावपूर्ण विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का आकर्षक संचालन “श्रीराजस्थानी” श्रीकांत पारीक ने किया। काव्य संध्या के पश्चात कवि व साहित्यकारों का नकद पुरस्कार देकर सम्मान किया गया। अंत में ठाकुर आनन्द सिंह शेखावत ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गौ सेवा ही सच्चे धर्म और मानवीय कर्तव्य का सर्वोत्तम रूप है।

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