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NHRC ने सीकर कलेक्टर और रेलवे GM को तलब किया:श्रीमाधोपुर के अंडरपास में जलभराव को लेकर थी शिकायत, चार हफ्ते में मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट


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NHRC ने सीकर कलेक्टर और रेलवे GM को तलब किया:श्रीमाधोपुर के अंडरपास में जलभराव को लेकर थी शिकायत, चार हफ्ते में मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

NHRC ने सीकर कलेक्टर और रेलवे GM को तलब किया:श्रीमाधोपुर के अंडरपास में जलभराव को लेकर थी शिकायत, चार हफ्ते में मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

श्रीमाधोपुर : राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने श्रीमाधोपुर के पंचावली अंडरपास में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के मामले में जवाब दाखिल न करने पर नाराजगी व्यक्त की है। आयोग ने सीकर कलेक्टर और उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर के महाप्रबंधक को जवाब प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर देते हुए सशर्त समन जारी किया है।

आयोग ने निर्देश दिया है कि ये अधिकारी मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत 6 नवंबर को सुबह 11:30 बजे नई दिल्ली स्थित आयोग के कार्यालय में अपेक्षित जांच रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित हों। अगर रिपोर्ट 31 अक्टूबर, 2025 तक आयोग को प्राप्त हो जाती है, तो व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मिल जाएगी। इस कार्रवाई की एक प्रति रेलवे बोर्ड अध्यक्ष, नई दिल्ली को भी भेजी गई है।

रिहायशी इलाकों का संपर्क कटा

यह मामला सोनी कॉलोनी निवासी बृजेन्द्र जोशी की शिकायत पर शुरू हुआ था। उन्होंने NHRC को बताया था कि सीकर के श्रीमाधोपुर स्टेशन के पास पंचावली अंडरपास में जल निकासी की व्यवस्था ठीक न होने से हल्की बारिश में भी भारी जलभराव हो जाता है। इससे आस-पास के रिहायशी इलाकों का संपर्क कट जाता है और लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

चार हफ्ते में मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

शिकायत पर, NHRC के माननीय सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया था। आयोग ने जिला कलेक्टर, सीकर और महाप्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

हालांकि, आयोग के निर्देशों और 1 सितंबर को भेजे गए अनुस्मारक के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने अपेक्षित रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। इसे गंभीरता से लेते हुए, आयोग ने अब दोनों अधिकारियों को सशर्त समन जारी कर तलब किया है।

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