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झुंझुनूं-गुढागौड़जी : नामंजूर नया जिला:बोले- मर जाएंगे, मिट जाएंगे, नीमकाथाना जिले में नहीं जाएंगे, सरकार से वार्ता 7 को


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झुंझुनूं-गुढागौड़जी : नामंजूर नया जिला:बोले- मर जाएंगे, मिट जाएंगे, नीमकाथाना जिले में नहीं जाएंगे, सरकार से वार्ता 7 को

झुंझुनूं-गुढागौड़जी : नीमकाथाना में शामिल करने के विरोध में 24 पंचायतों के लोगों ने स्टेट हाइवे पर दिया धरना, 5 घंटे बंद रहा हाइवे
गुढागौड़जी तहसील को नवघोषित नीमकाथाना जिले में शामिल करने के विरोध में शनिवार को गुढ़ा कस्बे में महासभा हुई। महासभा में गुढागौड़जी तहसील इलाके की 24 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी।
गुढ़ा बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर भोड़की चौराहे पर हुई सभा में वक्ताओं ने स्थानीय विधायक व मंत्री राजेंद्रसिंह गुढ़ा और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। सभा में निर्णय लिया गया कि 7 अप्रैल को समिति का प्रतिनिधिमंडल सरकार से वार्ता करेगा।

वार्ता में गुढागौड़जी क्षेत्र के लोगों की जनभावना को सरकार के समक्ष रखा जाएगा तथा गुढागौड़जी को झुंझुनूं जिले में ही रखने का मांगपत्र सौंपा जाएगा। सभा में भीड़ को देखते हुए स्टेट हाइवे 37बी के यातायात को भी डायवर्ट किया गया। करीब पांच घंटे तक रूट पर वाहन डायवर्ट रहे। हालांकि इस दौरान गुढ़ा से जाने वाले यात्रियों को कुछ परेशानी हुई।

पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी के नेतृत्व में हजारों लोगों ने एकजुट होकर नीमकाथाना जिले में शामिल होने का विरोध जताया। पूर्व विधायक चौधरी ने कहा कि गुढागौड़जी उपतहसील की सभी 24 ग्राम पंचायतों में जाकर नीमकाथाना में शामिल ना होने की एनओसी ली जाएगी। यहां के विधायक ने सरकार में मंत्री होते हुए भी जिलों के गठन के नाम पर क्षेत्र की जनता को भ्रमित करने का काम किया। पूर्व विधायक चौधरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि हमने गुढा बचाने के लिए संघर्ष समिति बनाई तो कुछ लोगों ने नकली समितियां बना लीं। हमने उन समितियों को एक मंच पर आने का आह्वान किया लेकिन वे समितियां मंत्री राजेंद्र गुढा के फार्म हाउस पर जाकर खत्म हो गईं। हम किसी भी कीमत पर झुंझुनूं से अलग नहीं होने वाले।

झुंझुनूं जिले में शामिल रहने के लिए गुढागौड़जी इलाके का हर युवा और बच्चा बलिदान देने के लिए भी तैयार है। ये सर्वसमाज के लोग बलिदान देने के लिए मुझसे भी आगे तैयार हैं। पूर्व जिला प्रमुख मदनसिंह गिल ने कहा कि झुंझुनूं जिले की शौर्यता में गुढ़ा इलाके का नाम विशेष है। झुंझुनूं हमारा अभिमान है। झुंझुनूं और गुढा एक-दूसरे के पूरक हैं। संघर्ष समिति के सहसंयोजक जेपी महला ने कहा कि जो लोग गुढा को नीमकाथाना में ले जाने की पैरवी कर रहे हैं उनको जनता गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा।

पूर्व विधायक शुभकरण बोले-नीमकाथाना में जोड़ा तो हम सब बलिदान देने को तैयार
संघर्ष समिति संयोजक कुरड़ाराम जाखड़ ने कहा कि आज की विरोध सभा ने जयपुर तक प्रभावी संदेश देने का काम किया है। इस लड़ाई में हम पीछे नहीं हटेंगे। यहां के विधायक व प्रदेश सरकार में मंत्री राजेंद्र गुढा को नीमकाथाना जिले की भनक नहीं थी वे बार-बार गुढागौड़जी या उदयपुरवाटी को जिला बनाने की बात कहते रहे। ऐसे अनजान व्यक्ति को विधानसभा में बैठने का अधिकार नहीं है। पूर्व जिपस काॅमरेड मूलचंद खरींटा ने कहा कि गुढा को झुंझुनूं से अलग करने वालों की छाती पर यहां की जनता मूंग दलेगी। गुढा झुंझुनूं का अभिन्न हिस्सा था और आगे भी रहेगा। अगर सरकार नहीं मानी तो उग्र प्रदर्शन होगा।

जनता आंदोलन के प्रदेशाध्यक्ष पंकज धनखड़ ने कहा कि गुढा के अगल-बगल में मुख्यमंत्री के सलाहकार हैं। उदयपुरवाटी में मंत्री हैं। इसके बावजूद यदि गुढा को झुंझुनूं से अलग करने का काम हुआ तो जनता जिले के कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों की कब्र खोदने का काम करेगी। सभा का संचालन सतवीर झाझड़िया ने किया। इन्होंने भी किया संबोधित सभा को संघर्ष समिति के डॉ. विकास गिल, नरेंद्र गढ़वाल, महताब खरबास, डाॅ. विकास गिल, जिपस अजय भालोठिया, सीथल सरपंच संजू चैधरी, पूर्व सरपंच प्रहलाद गिल भोड़की, छावसरी सरपंच विजय ओला, टोडपुरा सरपंच भंवरसिंह धींवा, पूर्व सरपंच ओमप्रकाष महला टीटनवाड़, सुनील खेदड़, पलक मूंड, रिचा मूंड, रूचिका महला, उर्मिला बगड़िया, संतोष देवी सीथल, रेेडीमेड व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल कुमावत, सुखवीर गढ़वाल, भोजराज गुढा, पंसस बसंत चैधरी, रामसिंह़, पूर्व सरपंच गोकुल पारीक, पूर्व जिपस राजेंद्र केड, पूर्व सरपंच केदार कष्यप, सतवीर गढ़ला, षिवराम गोदारा, कमल जाखड़, गोरूराम कुल्हरी, सुरेंद्र खैरवा, नंददेव ढेवा, रामदेव जैतपुरा, अनिल खेदड़, दुर्गाराम फगेड़िया, सुमित खटखड़, योगेश झाझड़िया, संतोष नेहरा, सुभाष बुगालिया आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। महासभा में आए पूर्व सैनिक कैप्टन पाबूदान सिंह टोडी, रामदेव सिंह पोषाना, कैप्टन शिवपाल सिंह खेदड़, हवलदार अम्मीलाल बामलास, कैप्टन ओमप्रकाश सीथल आदि ने कहा कि झुंझुनूं हमारी आन, बान, शान है। हमारी पहचान ही शहीदों की धरती है। यह हमारी पहचान है, हम किसी भी सूरत में अलग नहीं होने देंगे।

सभा में यह रहे मौजूद सभा में भाजयुमो जिलाध्यक्ष जयसिंह मांठ, व्यापार मंडल अध्यक्ष गणेश गुप्ता, सरपंच श्रीपाल जाखड़, सरपंच उम्मेद कुड़ी, सरपंच प्रहलाद बांगड़वा, पूर्व सरपंच ख्यालीराम ढेवा, पूर्व सरपंच ख्यालीराम ढेवा, युवा उद्यमी मनदीप बराला, सुरेंद्र सिंह शेखावत, पूर्णसिंह, युवा नेता अंकित सूरा, डाॅ. किशन सिंह, नरपत सिंह, भूपेंद्र ब्यामल, कैप्टन चंदगी राम, राकेश नाटास, सोहन सिंह झाझड़िया, नरसी मेघवाल, छाजूराम जांगिड़, रघुवीर खटाना, महिपाल महला, नरेंद्र महला, सुनील बुडानिया, विजपाल मान, धर्मेंद्र मूंड, करनीराम रोजडिया, सुमेर फगेड़िया, राजेंद्र किलानिया, विजयपाल बांगड़वा पूर्व सरपंच गढला, अशोक पूनिया, विजेंद्र मूंड, महेंद्र महण, पवन महला, छोटूराम गोदारा, राजेंद्र सैनी, पूर्व सरपंच बुधराम सैनी, मनफूल किलानिया, सुरेश महला, दीपक महला, भगवान सिंह गढ़वाल, श्रीचंद डूडी, कैलाश गढ़वाल, लीलाधर डूडी भोड़की, प्रहलाद दूदवाल, तेजपाल मूंड, शीशराम गोदारा, मनोज खैरवा, सुल्तानराम धोलाखेड़ा, महिपाल बेनीवाल, रामनिवास मूंड, रोहिताश खेदड़ गुढाबावनी, मनोज कुलहरी, श्रीचंद बराला, मनदीप बराला, दारा सिंह बामलास, बाबूलाल मंगावा, जगवीर गजराज केड, केसराम जाखड़, कैलाश महला, होशियार सिंह महला, श्रीकृष्ण महला, अमर सिंह धींवा, अविनाश मीणा मौजूद थे।

सड़क पर महापंचायत करने पर मुकदमा दर्ज
महासभा के दौरान राज्य राजमार्ग जाम करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने करीब 2 दर्जन नामजद समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, संघर्ष समिति संयोजक कुरड़ाराम जाखड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष गणेश गुप्ता, राकेश कस्वां, रामसिंह खेदड़, सीथल पूर्व सरपंच रघुवीर महला आदि संघर्ष समिति के सदस्यों समेत 67 नामजद तथा 500 से अधिक अन्य लोगों के खिलाफ रास्ता जाम करने का मामला दर्ज किया गया है। नाचती-गाती आई महिलाएं, गाए

मंगल गीत
महासभा में 24 ग्राम पंचायतों से हजारों की तादाद में महिलाएं नाचती गाती आईं। कई गांवों से महिलाएं ऊंट गाड़ी तो कई गांवों से ट्रैक्टर ट्राॅलियों में बैठकर भी आईं। महासभा को लेकर महिलाओं में भी जोश देखने लायक था। गुढ़ागौड़जी से सटकर बसे टोडी, दुड़िया, टीटनवाड़, हुकमपुरा, गुढा बावनी, पोषाणा, भोड़की, सीथल, खींवासर, ऊबली का बालाजी आदि गांवों से पैदल चलकर आये। डीजे पर नाचते गाते पैदल आए।

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