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झुंझुनूं के ‘छोटे वैज्ञानिकों’ का कमाल:सोलर-विंड एनर्जी से ‘ईंट निर्माण’, मॉडलों ने खींचा सबका ध्यानशहीद कर्नल जे.पी. जानू स्कूल में लगी नवाचारों की प्रदर्शनी


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झुंझुनूं के ‘छोटे वैज्ञानिकों’ का कमाल:सोलर-विंड एनर्जी से ‘ईंट निर्माण’, मॉडलों ने खींचा सबका ध्यानशहीद कर्नल जे.पी. जानू स्कूल में लगी नवाचारों की प्रदर्शनी

झुंझुनूं के 'छोटे वैज्ञानिकों' का कमाल:सोलर-विंड एनर्जी से 'ईंट निर्माण', मॉडलों ने खींचा सबका ध्यानशहीद कर्नल जे.पी. जानू स्कूल में लगी नवाचारों की प्रदर्शनी

झुंझुनूं : झुंझुनूं में इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का दूसरा दिन ‘नवाचार की पाठशाला’ बन गया। शहीद कर्नल जे.पी. जानू स्कूल का परिसर आज छोटे-छोटे वैज्ञानिकों की उत्सुकता, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच से गूंज उठा। जिले के 319 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, जल प्रबंधन और डिजिटल इंडिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विज्ञान मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

प्रदर्शनी में एक ओर बगड़ की छात्रा खुशी ने ‘प्लास्टिक वेस्ट से ईंट निर्माण’ का मॉडल दिखाकर कचरा प्रबंधन का सस्ता समाधान पेश किया, तो वहीं मंडावा की रश्मि ने ‘डिजिटल विलेज मैनेजमेंट सिस्टम’ का मॉडल प्रस्तुत किया, जो पंचायत स्तर पर डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन शिकायत निवारण को सरल बनाता है।

विज्ञान, समस्याओं का समाधान है: जिला शिक्षा अधिकारी

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन की हर छोटी-बड़ी समस्या का हल ढूंढने का तरीका है। उन्होंने ज़ोर दिया कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में जिज्ञासा को बढ़ावा देती हैं और उनके अंदर एक मजबूत वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मील का पत्थर साबित होती हैं।

झुंझुनूं के 'छोटे वैज्ञानिकों' का कमाल
झुंझुनूं के ‘छोटे वैज्ञानिकों’ का कमाल

ग्रामीण जीवन को सरल बनाने वाले नवाचार

प्रदर्शनी में प्रस्तुत अधिकांश मॉडलों ने दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित किया।

ऊर्जा का भविष्य: लोहार्गल के आदित्य वृत्तीय ने निर्णायक मंडल को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया। उनका ‘हाइब्रिड पावर जनरेटर’ मॉडल, जो सोलर और विंड एनर्जी पर आधारित है, बिजली की कमी से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक कारगर उपाय हो सकता है। इसी मॉडल के दम पर आदित्य ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है और अब वह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

शहीद कर्नल जे.पी. जानू स्कूल परिसर में लगे विज्ञान प्रदर्शनी में अपने मॉडल समझाती छात्रा — झुंझुनूं के नन्हे वैज्ञानिकों ने दिखाया नवाचार का कमाल
शहीद कर्नल जे.पी. जानू स्कूल परिसर में लगे विज्ञान प्रदर्शनी में अपने मॉडल समझाती छात्रा — झुंझुनूं के नन्हे वैज्ञानिकों ने दिखाया नवाचार का कमाल

जल संरक्षण पर जोर: नवलगढ़ के छात्र हर्ष ने ‘वाटर रीचार्ज सिस्टम’ का मॉडल प्रस्तुत किया, जो वर्षा के पानी को प्रभावी ढंग से जमीन में रिसने में मदद करता है।

कृषि में तकनीक: बिसाऊ की छात्रा तनु ने एक ‘स्वचालित सिंचाई प्रणाली’ का मॉडल दिखाया, जो मिट्टी की नमी को पहचानकर अपने आप सिंचाई करती है, जिससे पानी की भारी बचत हो सकती है।

ईको-फ्रेंडली लाइफस्टाइल: एक अन्य छात्रा आर्या ने बिजली के बिना ठंडी हवा देने में सक्षम ‘इको फ्रेंडली कूलिंग सिस्टम’ का मॉडल पेश कर पर्यावरण के साथ तालमेल बैठाने का संदेश दिया।

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