राष्ट्रीय खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर को याद किया:हिसार में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर केक काटा, खेल प्रतियोगिताएं हुईं
राष्ट्रीय खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर को याद किया:हिसार में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर केक काटा, खेल प्रतियोगिताएं हुईं

सादुलपुर : हिसार रोड राजगढ़ स्थित बॉक्सिंग एकेडेमी में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मेजर ध्यानचंद की जयंती मनाई गई। खेल सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में केक काटकर महान हॉकी खिलाड़ी को याद किया गया। द्रोणाचार्य अवॉर्डी अनूप कुमार सहारन ने मेजर ध्यानचंद के जीवन की प्रेरक घटनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि एक मैच में जर्मनी के विरुद्ध अकेले ध्यानचंद ने 7 गोल किए। मैच के बाद हिटलर ने उन्हें जर्मनी की ओर से खेलने और सेना में उच्च पद का प्रस्ताव दिया। लेकिन देशभक्त ध्यानचंद ने केवल भारत के लिए खेलने का संकल्प दोहराया।
ध्यानचंद के हॉकी स्टिक से जुड़ी रोचक कहानी सुनाई
जमशेदजी टाटा से जुड़ी एक रोचक घटना में, एक मैच के दौरान उनकी हॉकी कई बार बदली गई। लोगों को लगता था कि उनकी स्टिक में जादू है। हालांकि, ध्यानचंद ने हर नई स्टिक से गोल करके दिखाए। इसी कारण उन्हें ‘हॉकी का जादूगर’ कहा जाने लगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रगान के साथ मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर बॉक्सिंग की चार प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कोच रोहित टोकस, कोच निशांत पूनिया, अभिभावक और युवा मुक्केबाज कार्यक्रम में शामिल हुए। केंद्र और राज्य सरकार भी तीन दिवसीय खेल आयोजनों के माध्यम से महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि दे रही हैं।