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केसीसी में आधुनिक तकनीकी से युक्त संयंत्रों की स्थापना से पूर्व भौतिक संसाधनों की अति आवश्यकता


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केसीसी में आधुनिक तकनीकी से युक्त संयंत्रों की स्थापना से पूर्व भौतिक संसाधनों की अति आवश्यकता

केसीसी में आधुनिक तकनीकी से युक्त संयंत्रों की स्थापना से पूर्व भौतिक संसाधनों की अति आवश्यकता

खेतड़ी . किसी बड़े कारखाने को संचालित करने के लिए मूलभूत सुविधाओ का होना अति आवश्यक है। इनमें बिजली, पानी, यातायात व रेल लाइन साधन अति आवश्यक है। हिंदुस्तान कॉपर खेतड़ी कॉपर कापलेक्स के पास जब इसकी स्थापना हुई थी तब सभी सुविधाएं मौजूद थी। यह संयंत्र स्टेट हाइवे नंबर 13 पर स्थित है। इसमें रेलवे के लिए डाबला से खेतड़ी नगर तक वाया सिंघाना रेलवे की मालगाड़ी आती थी। बिजली के लिए यहां बिजली निगम का 220 केवीए का विद्युत उपकेंद्र लगा हुआ है। यहां संयंत्रों के लिए व पीने के लिए चंवरा की काटली नदी में लगे ट्यूबवेलों से पानी आया करता था। संयंत्र अच्छी प्रकार से चल रहे थे। परंतु कालांतर में अवैध खनन व वर्षा कम आने से काटली नदी में पानी जल स्तर नीचा चला गया व पानी की आवक कम हो गई। संयंत्र बंद होने से हिंदुस्तान कॉपर ने रेल की पटरियों को भी उखड़वा लिया। लोगों को कहना है कि आधुनिक तकनीकी से स्थापित होने वाले हिंदुस्तान के कॉपर के संयंत्रों की स्थापना से पूर्व यदि डाबला से खेतड़ी नगर तक रेलवे की जो पटरिया पूर्व में उखाड़ दी गई थी। उन्हें पुन: डालकर रेल सेवा शुरू की जाए तो संयंत्र में माल लाने ले जाने में सुविधा होगी। क्योंकि रेलवे की जमीन पर अधिकांश स्थानों पर अतिक्रमण हो रहा है। वही पानी के लिए शेखावाटी में आने वाली यमुना जल योजना से हिंदुस्तान कॉपर को पर्याप्त पानी मिल जाता है तो संयंत्रों को पानी की मात्रा भी पूर्ण हो जाएगी।

हिंदुस्तान कॉपर को जितने पानी की आवश्यकता थी उतना पानी इनको कुंभाराम जल योजना से उपलब्ध करवा दिया गया है। नए प्लांटों के लिए इनको अतिरिक्त पानी की आवश्यकता होगी तो शेखावाटी में आने वाले यमुना नहर के पानी से या अन्य कोई व्यवस्था कर आपूर्ति कर दी जाएगी। नये बनने वाले प्लांटों को कोई पानी की कमी नहीं होनी दी जाएगी।

इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर, विधायक खेतड़ी

पूर्व में हिंदुस्तान कोपर का माइनिंग के अतिरिक्त स्मेल्टर, फर्टिलाइजर, कंसीटेटर, एसिड प्लांट तथा इनका सहायक भगवती गैस प्लांट भी हुआ करता था। प्लांटों के बंद होने से खेतड़ी नगर से डाबला तक की रेल लाइन की पटरियों को हटा दिया गया। डाबला से खेतड़ी नगर तक रेल लाइन पुन: डलवाकर मालगाड़ी व सवारी गाड़ी चालू की जाए।

गीता देवी सैनी, पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका खेतड़ी

आधुनिक तकनीकी से युक्त हिंदुस्तान कॉपर के संयंत्रों को पुन: शुरू किया जाता है तो क्षेत्र में रोजगार के संसाधन उपलब्ध होंगे। यातायात के लिए दिल्ली से सिंघाना होते हुए नानू वाली बावड़ी तक नेशनल हाईवे स्वीकृत हो गया है तथा नानू वाली बावड़ी से नीमकाथाना तक स्टेट हाईवे का कार्य भी चल रहा है यदि खेतड़ी नगर से डाबला तक रेल की पटरियां डालकर रेल लाइन पुन: शुरू कर दी जाए तो संयंत्र में आने जाने वाले माल के लिए सुविधा हो जावेगी। -विजेश शाह,

खेतड़ी क्षेत्र में ठिकाना खेतड़ी के समय से दर्जनों बड़े बांध बने हुए है ।उनमें देख -रेख के अभाव में मिट्टी भर गई है ।यदि इन बांधों की सफाई करवारकर उनमें बरसात का पानी एकत्रित कर लिया जाए तो उसे हिंदुस्तान कॉपर के संयंत्रो को पानी दिया जा सकता है। तथा क्षेत्र का जलस्तर भी बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त शेखावाटी में आने वाली यमुना नहर योजना की डीपीआर में भी हिंदुस्तान कॉपर के लिए पानी जुड़वाया जाए। रमेश कुमार सैनी, सरपंच, नानू वाली बावड़ी

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