[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

खेतड़ी की ऐतिहासिक जय निवास कोठी पर कब्जा मामला:पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, तहसीलदार ने कोठी को किया सील


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

खेतड़ी की ऐतिहासिक जय निवास कोठी पर कब्जा मामला:पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, तहसीलदार ने कोठी को किया सील

खेतड़ी की ऐतिहासिक जय निवास कोठी पर कब्जा मामला:पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, तहसीलदार ने कोठी को किया सील

खेतड़ी : ठिकाना खेतड़ी की संपत्ति जय निवास कोठी पर बुधवार को तहसीलदार ने ताले लगाकर सील करने की कार्रवाई की। मामले में दो लोगों के खिलाफ कोठी के ताले तोड़ने के आरोप में मामला भी दर्ज कराया गया है। तहसीलदार सुनील कुमार ने बताया कि राजा बहादुर सरदार सिंह की कई संपत्ति वर्तमान में अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयपुर द्वितीय की रिसीवरी में है। इन संपत्तियों में शामिल जयनिवास कोठी के वह रिसीवर हैं। उन्हें पुलिस से सूचना मिली थी कि जय निवास कोठी के ताले टूटे हुए हैं और वहां दो व्यक्ति भी हैं। इस पर हल्का पटवारी को मौके पर भेजा गया। पटवारी की रिपोर्ट पर जयनिवास कोठी के पुन: ताले लगाकर सील किया गया है। इसके बाद थाने में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ ताला तोड़ने और कब्जा करने का मामला दर्ज करवाया गया।

तहसीलदार सुनिल कुमार ने बताया- उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग जय निवास कोठी के ताले को तोड़कर अंदर सामान निकाल रहे हैं। जब वे मौके पर पहुंचे, तो जय निवास कोठी का ताला खुला हुआ था और कुछ लोग सफाई कर रहे थे। इन लोगों से पूछताछ की गई, और उन्हें बाहर निकालकर मुख्य गेट को सील कर दिया गया।

खेतड़ी थाना अधिकारी ने बताया- तहसीलदार की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। संपत्ति विवाद के चलते ताला तोड़ने के इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ट्रस्ट ने कार्रवाई को बताया अवैध, कलक्टर से शिकायत

उधर खेतड़ी ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी पृथ्वीराज सिंह ने मामले में जयपुर कलक्टर को शिकायत भेज कर विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि जय निवास संपत्ति दशकों से खेतड़ी ट्रस्ट की देखरेख में रही है। स्थानीय प्रशासन ने अवैध रूप से कार्रवाई करते हुए जबरन ट्रस्ट के कर्मचारियों को संपत्ति से बेदखल कर ताला लगा दिया। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान सरकार ने जुलाई 1987 में एस्कीट एक्ट लागू किया, तो जय निवास को शामिल नहीं किया गया क्योंकि यह कानूनी रूप से किराए पर था। बाद में वर्ष 2000 में एमईसीएल ने किराए का अनुबंध समाप्त कर दिया, तब से जय निवास सीधे खेतड़ी ट्रस्ट के कब्जे में आ गया।

इनके खिलाफ दर्ज कराया मामला

थानाधिकारी भंवरलाल कुमावत ने बताया कि तहसीलदार सुनील कुमार ने रिपोर्ट दी है कि बुधवार को हल्का पटवारी से रिपोर्ट प्राप्त हुई कि जय निवास कोठी के ताले टूटे हुए मिले हैं।ढाणी बढ़ान निवासी राकेश सिंह शेखावत व ढाणी शिशु वाला तन काली पहाड़ी निवासी राम सिंह ने ताले तोड़े हैं। दोनों व्यक्ति जयनिवास कोठी के अंदर पाए गए। ऐसे में उन्हें वह अंदर रखे सामान को बाहर निकाल दिया गया। पुलिस ने तहसीलदार की रिपोर्ट पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22 situs raffi ahmad bt62