बीकानेर : भारतीय वायु सेना के सी-17 परिवहन विमान महाजन फायरिंग रेंज में स्वेदश में विकसित एक भारी प्लेटफॉर्म को एयरड्रॉप किया है, जो 22 टन से ज्यादा भार ले जा सकता है। इससे पूर्व पिछले महीने दो स्थानों पर सी 17 से भारी प्लेटफॉर्म डिलीवर किए गए थे।
भारतीय वायुसेना ने अपनी इस उपलब्धि की जानकारी एक्स पर दी है। जिसमें कहा गया है कि सी-17 से बीएमपी की रणनीतिक हवाई डिलीवरी है। भारतीय सेना और एरियल डिलवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एडीआरडीई) के साथ मिलकर भारतीय वायुसेना के विमान ने भारी प्लेटफॉर्म को ड्रॉप किया। इस उपलब्धि से भारतीय वायुसेना की क्षमता में वृद्धि हुई है।
एयरड्रॉप की खासियत
सफल एयरड्रॉप ने न केवल सटीक हवाई युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना की शक्ति को प्रदर्शित किया, बल्कि यह रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा की तरफ भी बड़ा कदम है। मैकेनाइज्ड प्लेटफॉर्म (बीएमपी) का सफल एयरड्रॉप काफी रणनीतिक महत्व रखता है, क्योंकि यह भारतीय सशस्त्र बलों के ऑपरेशनों को खास कर दूरदराज और जहां पहुंचना मुश्किल है उन दुर्गम इलाकों में ऑपरेशनों को बढ़ाता है।
देश के लिए बड़ी उपलब्धि
इस अभ्यास में सी-17 विमान से एक मैकेनाइज्ड प्लेटफॉर्म (बीएमपी) को एयरड्रॉप किया गया। यह एक ऐसी उपलब्धि है जिसके लिए सावधानीपूर्वक योजना और टीम वर्क की जरूरत थी। ऑपरेशन के केंद्र में स्वदेशी रूप से विकसित 32-फुट टाइप वी प्लेटफॉर्म की तैनाती थी, जिसे खास तौर से बीएमपी जैसे भारी मशीनीकृत उपकरणों की एयरड्रॉप की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया था।
क्या है एडीआरडीई
हवाई डिलीवरी अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान यानी एडीआरडीई एक प्रमुख रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला है। वर्तमान में रक्षा मंत्रालय आधुनिक उपकरणों के स्वदेश में विकसित करने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। मतलब हमारे सशस्त्र बल जो भी हथियार यूज करें। वह स्वदेशी तकनीकों पर आधारित हो। एडीआरडीई ने एसिंग डेवलपमेंट ऑफ इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज विद आईडेक्स (अदिति) योजना भी लॉन्च की थी। जिसका मकसद रक्षा प्रौद्योगिकियों में इनोवेशन को बढ़ावा देना है।