शहीद हमारी धरोहर हैं, इनके सम्मान से प्रेरणा मिलती है- प्रेम सिंह बाजोर
शहीद हमारी धरोहर हैं, इनके सम्मान से प्रेरणा मिलती है- प्रेम सिंह बाजोर
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : राज वर्मा
फतेहपुर : क्षेत्र के रोलसाबसर गाँव में शौर्य चक्र विजेता शहीद मोहम्मद इकराम खाँ के स्मारक का लोकार्पण समारोह पूर्वक किया गया। मुख्य अतिथि सैनिक कल्याण बोर्ड चेयरमैन प्रेम सिंह बाजौर ने कहा कि शहीद देवताओं के देवता हैं, इनके जीवन से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि शहीद हमारी अनमोल धरोहर है, इनके सम्मान की परम्परा आगे बढ़नी चाहिए। शहीद के भाई सूबेदार मोहम्मद इक़रार खाँ ने बताया कि समारोह में वीरांगना बलकेश बानो, शहीद के पुत्र फय्याज खान, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन प्रेम सिंह बाजौर, क्षेत्रीय विधायक हाकम अली खाँ, मेजर जनरल एके गुप्ता, ब्रिगेडियर गौतम गांगुली, कर्नल बीके मजूमदार, कर्नल एमएस ढ़ाका, फ़तेहपुर नगरपरिषद सभापति मुस्ताक नज़्मी, जिला उप प्रमुख ताराचन्द धायल, महावीर भोजदेसर, रोलसाबसर सरपंच प्रतिनिधि साँवरमल रॉयल, पूर्व सरपंच एजाज खाँ, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि मुबारिक भँवरू खाँ, जालेउ सरपंच मोहनलाल धेतरवाल, पूर्व सरपंच मामराज सिंह देवास, कप्तान सतवीर सिंह दिल्ली, कप्तान महेन्द्र सिंह हरियाणा, हवलदार सतवीर सिंह, सूबेदार मेजर अय्यूब खाँ, कैप्टन श्रवणलाल बतौर विशेष मेहमान मंच पर मौजूद थे।
इस अवसर पर सूबेदार मोहम्मद इक़रार खाँ, फरमान खाँ, इमरान खाँ, महबूब खाँ, हबीब खाँ, इलियास खाँ, अय्यूब खाँ, अयाज खाँ, हसन खाँ, अमजद खाँ, रियाज, फरियाद, आसिफ, मारूफ, यूसुफ खाँ, सद्दाम खाँ, इरफान खाँ, सरवर खाँ, शौकत खाँ, रमजान खाँ, युनूस खाँ, बाबू खाँ, युनूस यासीन खाँ, आदिल खाँ, सूबेदार असलम खाँ, नायब सूबेदार ज़ाकिर खाँ, हवलदार असलम, आमीन खाँ मास्टरजी, हाकम अली खाँ रोल, मूँगाराम रॉयल, सूबेदार रणजीत खाँ, कैप्टन श्रीराम श्योराण, कप्तान लियाक़त खाँ धंधूरी, कप्तान लियाक़त खाँ किडवाना, अभिषेक बारेठ, शहीद इकराम खाँ की ग्रेनेडियर के 300 पूर्व सैनिक, 150 सैनिकों सहित हजारों की तादाद में सर्वसमाज के गणमान्य जन मौजूद थे। समारोह का संचालन कप्तान लियाक़त खाँ ने किया, सूबेदार मोहम्मद इक़रार खाँ ने आभार प्रकट किया।
22 वर्ष की उम्र में शहीद हुए, मरणोपरांत मिला शौर्य चक्र
16 मार्च 1978 को रोलसाबसर के कैप्टन इक़बाल खाँ व बलकेश बानो के घर पैदा हुए मोहम्मद इकराम 22 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए। 12 अप्रेल 2000 को जम्मू कश्मीर में अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देते हुए देश के काम आए और हमेशा के लिए अमर हो गए। उनकी वीरता, बहादुरी, साहस, अविस्मरणीय बलिदान के जज्बे को देखते तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया।
सिक्स ग्रेनेडियर के नौ शहीद परिवारों का सम्मान
इस अवसर पर सिक्स ग्रेनेडियर के शहीद ताजू खाँ, ब्यावर के शहीद महेन्द्र सिंह, सूरजगढ़ के शहीद शीशराम, नवलगढ़ के शहीद रामनिवास, नागौर के शाहीद महबूब खाँ, फ़तेहपुर के लांसनायक शहीद मुखराम, शहीद भंवराराम, रोलसाबसर के शहीद मोहम्मद इकराम की वीरांगनाओं व परिजनों का ख़ास सम्मान किया गया।
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