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धारीवाल बोले- कोटा में लव अफेयर सुसाइड की वजह:12 सितंबर को छात्रा की आत्महत्या का भी यही कारण; पिता बोले- सबूत दिखाएं मंत्री


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धारीवाल बोले- कोटा में लव अफेयर सुसाइड की वजह:12 सितंबर को छात्रा की आत्महत्या का भी यही कारण; पिता बोले- सबूत दिखाएं मंत्री

Love Affair reason for suicide in Kota Minister Shanti Dhariwal: नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा में स्टूडेंट्स के सुसाइड की वजह अफेयर को बताया है।

कोटा : राजस्थान के मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा के बच्चों के सुसाइड की वजह लव अफेयर को बताया है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंत्री ने कहा कि हाल ही में जिस स्टूडेंट ने सुसाइड किया उसके बाद अफेयर का लेटर भी मिला है।

वहीं, स्टूडेंट के पिता ने धारीवाल के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कि बेटी के साथ छेड़छाड़ होती थी और अगर मंत्री के पास अफेयर को लेकर कोई सबूत हैं तो हमें दिखाएं।

शहरी विकास एवं आवास (UDH) मंत्री धारीवाल जब ये बयान दे रहे थे, तब ठीक उनके बगल में मुख्यमंत्री भी बैठे थे।
शहरी विकास एवं आवास (UDH) मंत्री धारीवाल जब ये बयान दे रहे थे, तब ठीक उनके बगल में मुख्यमंत्री भी बैठे थे।

सुसाइड की वजह अफेयर और मां-बाप का प्रेशर: धारीवाल
बुधवार को नए कोटा में सिटी पार्क का लोकार्पण कार्यक्रम था। यहां मंत्री शांति धारीवाल ने पार्क की जरूरत और खूबियां बताने के दौरान कहा- यहां करीब हर साल ढाई लाख बच्चे पढ़ने आते हैं। आए दिन हमें सुसाइड के बारे में सुनने को मिलता है। आज भी (बुधवार) भी एक लड़की ने आत्महत्या की है।

इसका कारण ये था कि जो उसने लेटर छोड़ा, वो लेटर अफेयर के कारण छोड़ा। जितनी भी यहां सुसाइड हुए हैं उन पर स्टडी करने की जरूरत है कि ऐसा हुआ तो क्यों हुआ। जब बाहर के राज्यों से लड़का पढ़ने आता है तो आसपास के माहौल को देखकर हीनभावना महसूस करता है। सोचता है कि मेरे बराबर के हॉस्टल के रूम में जो लड़के रहते हैं वो मुझसे बहुत आगे हैं।

मैं किस प्रकार से IIT कर पाऊंगा, हीनभावना से वो छोड़ना चाहता है, लेकिन मां-बाप के प्रेशर से उसे यहां रहना पड़ता है। कई बार ऐसे भी सुसाइड हुए हैं। जिनमें स्टूडेंट्स आए और 15 दिन में ही सुसाइड कर लिया। अब इसका क्या कारण हो सकता है।

रिलेशनशिप की वजह से सुसाइड होता है। इन सब कारणों को देखते हुए हमने ऐसा सोचा कि यहां पर एक ऐसा पार्क बनना चाहिए। जिससे कि उनका टेंशन कम हो पाए। दरअसल, रांची (झारखंड) की रहने वाली कोचिंग छात्रा रिचा सिन्हा ने मंगलवार रात को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह मई में ही कोटा में नीट की तैयारी करने आई थी। इसी मामले को लेकर मंत्री ने विवादित बयान दिया।

21 में से दो स्टूडेंट ने प्रेम-प्रसंग के कारण की आत्महत्या
धारीवाल के बयान के बाद मीडिया ने इस साल सुसाइड करने वाले 21 स्टूडेंट्स के केस की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि 21 में से अब तक 2 स्टूडेंट्स के सुसाइड का कारण प्रेम प्रसंग था, ज्यादातर स्टूडेंट्स ने पढ़ाई के तनाव, मां-बाप की डांट और टेस्ट में खराब परफॉर्मेंस के कारण सुसाइड किया है। करीब 6 स्टूडेंट्स के सुसाइड का कारण अभी भी साफ नहीं हो सका है।

लड़के करते थे छेड़छाड़- रिचा के पिता

इधर, मंत्री धारीवाल के विवादित बयान पर रिचा के पिता ने कहा है कि अगर ऐसे कोई सबूत हैं उनके पास तो हमें लाकर दिखाएं। मेरी बेटी ऐसी नहीं थी।
इधर, मंत्री धारीवाल के विवादित बयान पर रिचा के पिता ने कहा है कि अगर ऐसे कोई सबूत हैं उनके पास तो हमें लाकर दिखाएं। मेरी बेटी ऐसी नहीं थी।

मंत्री शांति धारीवाल के बयान पर रिचा के पिता रविंद्र कुमार सिन्हा ने कहा- अगर उनके पास इस बात के एविडेंस हैं तो हमें बताएं। मेरी बेटी ऐसा नहीं कर सकती। कोचिंग जाते समय यहां के आवारा लड़के छेड़छाड़ करते थे और ये बात रिचा ने मेरी बड़ी बेटी को भी बताई थी।

उसने कहा था कि यहां आने-जाने में प्रॉब्लम होती है, बच्चे कमेंट करते हैं। यहां बच्चों की बात दबा दी जाती है। उन्होंने कहा कि 1-2 मामले पर ही प्रशासन ध्यान दे देता तो इतने बच्चों की जान नहीं जाती। पिता ने बताया कि बच्ची ने एक डायरी लिखी है। उसमें क्या है मुझे कुछ नहीं पता है। पुलिस वह डायरी ले गई है।

रिचा के पिता ने कहा कि 12 तारीख को रात में ही बात हुई थी, उसकी मां और बहन से बात हुई थी। उसने कहा था कि यहां कुछ अच्छा नहीं लग रहा है। इसके आधे घंटे के बाद हमारे पास मैसेज आया कि उसने ऐसा कदम उठा लिया।

इधर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने पेरेंट्स को नसीहत दी कि बच्चों पर प्रेशर ना डालें।

अपनी असफलता बच्चों पर ना डालें पेरेंट्स: खाचरियावास
इधर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बुधवार को कोचिंग संस्थानों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों को सिर्फ पैसा कमाने के लिए परमिशन नहीं दी जा सकती, उनकी मोरल ड्यूटी है बच्चों की देखभाल करना।

एक और कोचिंग छात्रा के सुसाइड के बाद प्रताप सिंह खाचरियावास ने कोटा में कहा कि मैं सब माता पिता से कहूंगा कि बच्चों में प्रेशर न डाले। पेरेंट्स खुद सफल नहीं हो पाए और खुद के सपने बच्चों से पूरे करवाने की कोशिश न करे, बच्चों के मन को समझें।

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