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ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ी:परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, अस्पताल से इलाज का खर्चा वहन करने की मांग


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ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ी:परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, अस्पताल से इलाज का खर्चा वहन करने की मांग

ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ी:परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, अस्पताल से इलाज का खर्चा वहन करने की मांग

चिड़ावा : चिड़ावा के जयपुर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में ऑपरेशन के बाद एक महिला की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला जयपुर के साकेत अस्पताल के ICU में भर्ती है।

बच्चेदानी की गांठ के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया था

सूरजगढ़ के लोटिया निवासी रजनी को 9 तारीख को बच्चेदानी की गांठ के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने पहले दूरबीन (लैप्रोस्कोपी) से ऑपरेशन करने की बात कही थी। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गड़बड़ी हुई, जिसके बाद पेट पर बड़ा चीरा लगाकर टांके लगाए गए। 2-3 दिन बाद महिला को छुट्टी दे दी गई।

घर लौटने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, तो परिजन उसे फिर अस्पताल ले गए। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने पेट में पानी भरने की बात कहकर छोटा ऑपरेशन करने की बात कही। उनका आरोप है कि पानी निकालने के नाम पर 3-4 बार ऑपरेशन किए गए और महिला की आंत बाहर निकाल दी गई।

 

परिवार मनरेगा मजदूरी करता

महिला की हालत बिगड़ने और उसके बोलना बंद करने पर डॉक्टरों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में बात करने और इलाज का पूरा खर्च उठाने का वादा किया था। लेकिन वहां बेड नहीं मिलने से महिला भर्ती नहीं हो सकी।

इसके बाद परिजनों ने महिला को जयपुर के साकेत अस्पताल के ICU में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक, परिवार मनरेगा मजदूरी करता है और अब तक 60-70 हजार रुपये खर्च कर चुका है।

धरना जारी, डॉक्टरों ने कहा- ‘नो कमेंट्स’

घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग जयपुर हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठे हैं। परिजनों की मांग है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही महिला की यह हालत हुई है, इसलिए अस्पताल प्रशासन मरीज के आगे के इलाज का सारा खर्च वहन करे।

​उधर, इस पूरे मामले पर जब अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने ‘नो कमेंट्स’ कहते हुए कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। फिलहाल अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन जारी है।

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