खंडेला में 9 नई ग्राम पंचायतों में पहली बार चुने जाएंगे सरपंच
2.26 लाख मतदाता करेंगे मतदान, पंचायत समिति प्रधान का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित
खंडेला : राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत समिति खंडेला में पंचायती राज चुनाव को लेकर इस बार कई बदलाव देखने को मिलेंगे। पुनर्सीमांकन के बाद गठित नौ नई ग्राम पंचायतों में पहली बार सरपंच चुने जाएंगे। पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 2,26,314 मतदाता हैं, जो 28 और 30 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में मतदान कर 52 सरपंचों, 37 पंचायत समिति सदस्यों और छह जिला परिषद सदस्यों का चयन करेंगे।
पिछले पंचायती राज चुनाव में खंडेला पंचायत समिति क्षेत्र में 45 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव हुए थे। पुनर्सीमांकन के बाद दायरा और मेहरों की ढाणी ग्राम पंचायतों को नगर पालिका में शामिल कर लिया गया, जिससे इनकी संख्या घटकर 43 रह गई। इसके बाद सुखपुरा, सलेदीपुरा, घसीपुरा, उदयपुरा, विजयपुरा, सौथलिया, शाहपुरा, दादिया रामपुरा और भोजपुर सहित नौ नई ग्राम पंचायतों का गठन किया गया। इनके गठन के बाद अब पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 52 ग्राम पंचायतों के चुनाव हो रहे हैं।
1959 में हुआ था पंचायत समिति का गठन
खंडेला पंचायत समिति का गठन वर्ष 1959 में हुआ था। तब से अब तक प्रशासक को छोड़कर 10 प्रधान पद संभाल चुके हैं। पंचायत समिति के पहले प्रधान चतुर्भुज गोयल बने थे। यहां की पहली महिला प्रधान पार्वती देवी थीं, जिन्होंने वर्ष 2005 से 2015 तक दो कार्यकाल पूरे किए। इस बार पंचायत समिति प्रधान का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में अगली प्रधान सामान्य वर्ग की महिला होगी।
15 साल तक एक ही परिवार के पास रहा प्रधान पद
खंडेला पंचायत समिति में पूर्व विधायक महादेव सिंह का परिवार करीब 15 साल तक प्रधान पद पर रहा। उनकी पत्नी पार्वती देवी दो बार और पुत्र गिरिराज सिंह एक बार प्रधान रह चुके हैं। वहीं, हनुमान सिंह का कार्यकाल नौ साल पांच महीने और गोपाल सिंह का कार्यकाल सात साल रहा। प्रधान पद पर रहने के बाद गोपाल सिंह राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री भी बने।
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