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बिसाऊ की ऐतिहासिक मूक रामलीला में नरांतक वध का भव्य मंचन


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बिसाऊ की ऐतिहासिक मूक रामलीला में नरांतक वध का भव्य मंचन

भारी-भरकम लवाजमे के साथ रणभूमि में उतरा रावण का पुत्र, वानरराज दधीबल ने परास्त कर पुतले का किया दहन

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : लतीफ खान

बिसाऊ : बिसाऊ की विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक मूक रामलीला में शुक्रवार को रावण के पुत्र नरांतक वध का रोमांचक मंचन किया गया। लंका युद्ध में लगातार योद्धाओं के मारे जाने से रावण की सेना कमजोर पड़ने लगी। ऐसे में रावण ने युद्ध का रुख बदलने के प्रयास में अपने पुत्र नरांतक को भारी-भरकम लवाजमे के साथ रणभूमि में उतारा।

नरांतक के युद्धभूमि में पहुंचते ही युद्ध का रोमांच बढ़ गया। भगवान श्रीराम की ओर से उसका मुकाबला करने के लिए वानरराज दधीबल को मैदान में भेजा गया। दोनों के बीच हुए युद्ध में दधीबल ने अपने पराक्रम और युद्ध कौशल से नरांतक को परास्त कर दिया।

नरांतक वध के साथ हुआ पुतले का दहन

नरांतक के परास्त होने के बाद रामलीला मैदान में उसके पुतले का दहन किया गया। इस प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों में उत्साह रहा। बिसाऊ की पारंपरिक मूक रामलीला शैली में बिना संवादों के कलाकारों ने युद्ध के घटनाक्रम को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

ऐतिहासिक मूक रामलीला में लगातार हो रहे युद्ध प्रसंगों के साथ लंका युद्ध निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है। नरांतक वध का प्रसंग बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है।

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