सीसीटीवी फुटेज के बावजूद चोरी का खुलासा नहीं:कोर्ट ने दोबारा जांच के दिए आदेश, तीन साल से कोई कार्रवाई नहीं
सीसीटीवी फुटेज के बावजूद चोरी का खुलासा नहीं:कोर्ट ने दोबारा जांच के दिए आदेश, तीन साल से कोई कार्रवाई नहीं
सूरजगढ़ : झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ थाना क्षेत्र के महपालवास में घर से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी होने के मामले में तीन साल से अधिक समय बाद भी आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पीड़ित ने पुलिस को घर के CCTV कैमरों की फुटेज और संदिग्ध की फोटो दी थी। पुलिस ने दिसंबर 2023 में मामले में अंतिम रिपोर्ट (FR) लगा दी थी। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरजगढ़ ने मई 2026 में दोबारा गहन जांच के आदेश दिए।

परिवार गांव से बाहर था, पीछे से टूटे ताले
महपालवास निवासी ओमप्रकाश पुत्र हरिसिंह का परिवार 18 अगस्त 2023 को निजी काम से गांव से बाहर गया था। 20 अगस्त को चोरों ने घर के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली। पीड़ित ने 21 अगस्त को सूरजगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी पुलिस को सौंपी। पीड़ित के अनुसार, फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति घर में प्रवेश करता और रेकी करता दिखाई दे रहा था। इसके बावजूद पुलिस जांच में आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी।
दिसंबर 2023 में लगाई FR, कोर्ट पहुंचा पीड़ित
पुलिस ने दिसंबर 2023 में मामले में अंतिम रिपोर्ट (FR) लगा दी। इससे असंतुष्ट पीड़ित ने न्यायालय में आवेदन देकर दोबारा जांच की मांग की। न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरजगढ़ ने मई 2026 में दिए आदेश में जांच के दौरान कई कमियां बताईं। न्यायालय के अनुसार, पीड़ित ने फोटो और वीडियो सहित जानकारी पुलिस को दी थी, लेकिन जांच में इन साक्ष्यों का प्रभावी इस्तेमाल नहीं किया गया। पुलिस ने केवल पीड़ित और उसकी पत्नी के बयान दर्ज किए। आसपास के लोगों और अन्य संभावित गवाहों के बयान नहीं लिए गए। CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और उसके बारे में भी जरूरी जांच नहीं की गई।

जेवरों की बिक्री की जांच के निर्देश
न्यायालय ने पीड़ित की दोबारा जांच की मांग स्वीकार करते हुए सूरजगढ़ पुलिस को नए सिरे से गहन जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस को पहले की जांच की दोबारा समीक्षा करने और पीड़ित की ओर से पेश किए जाने वाले गवाहों व दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने को कहा गया।
आदेश में आसपास के घरों में रहने वाले ऐसे लोगों के बयान दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, जिन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों को आते-जाते देखा हो। इसके साथ ही CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्ध की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच करने को कहा गया।
न्यायालय ने चोरी हुए जेवरात आसपास की किसी दुकान पर बेचे जाने की संभावना की पड़ताल करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा जांच अधिकारी को मामले से जुड़े अन्य जरूरी पहलुओं की जांच करने को कहा गया।
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