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सेठ मोतीलाल तुलस्यान ट्रस्ट की जमीन की जांच की मांग, सचिव बोले- आरोप झूठे, सबूत दें


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सेठ मोतीलाल तुलस्यान ट्रस्ट की जमीन की जांच की मांग, सचिव बोले- आरोप झूठे, सबूत दें

पूर्व छात्रों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, जमीन के बेचान और व्यावसायिक उपयोग की आशंका जताई; कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय जाने की चेतावनी

झुंझुनूं : सेठ मोतीलाल तुलस्यान चैरिटी ट्रस्ट की जमीन को लेकर पूर्व छात्रों और शहर के लोगों ने जांच की मांग उठाई है। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जमीन के बेचान, मालिकाना हक में बदलाव और परिसर के मूल स्वरूप में परिवर्तन की आशंकाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वहीं, ट्रस्ट के सचिव जीएल शर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सब झूठ है। किसी के पास कोई सबूत है तो उन्हें भी दिया जाए।

पूर्व छात्रों के अनुसार, वर्ष 1937 में स्थापित सेठ मोतीलाल कॉलेज स्कूल झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। करीब 9.66 हेक्टेयर में फैले इस परिसर में मुख्य कॉलेज भवन, विज्ञान खंड, खेल मैदान, इनडोर स्टेडियम, विधि महाविद्यालय, बीएड कॉलेज और कर्मचारियों के आवास जैसी सुविधाएं हैं। उनका कहना है कि यह परिसर शहर की शैक्षणिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है।

जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग

ज्ञापन में पूर्व छात्रों ने जमीन से संबंधित अभिलेखों, गतिविधियों और हालिया समझौतों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से परिसर में भू-व्यापारियों की गतिविधियां बढ़ने से जमीन की खरीद-फरोख्त और संभावित व्यावसायिक उपयोग को लेकर आशंका पैदा हुई है। उन्होंने नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने, परिसर का उपयोग शिक्षा, खेलकूद और जनकल्याणकारी उद्देश्यों के लिए बनाए रखने तथा स्थायी निषेधाज्ञा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय जाएंगे

पूर्व छात्रों ने कहा कि संस्थान की जमीन का मामला शहर की ऐतिहासिक विरासत और विद्यार्थियों के हितों से जुड़ा है। प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।

इन्होंने सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन देने वालों में श्रीकांत सारस्वत, सचिन वर्मा, नरेंद्र सैनी, दीपक तुलस्यान, पवन कुमार शर्मा, योगेश तुलस्यान, राम निरंजन पुरोहित, डॉ. गिरिश जोशी, दिनेश कुमार शर्मा, अरविंद पुरोहित, शशिकांत पारीक, डॉ. बीके चावला, सूर्यकांत गोयलका, प्रकाश चंद सैनी, रवि शर्मा, प्रियांशु बगड़िया, सज्जन कुमार तुलस्यान, संजय शर्मा, बंटी सैनी, सत्यनारायण सैनी, रूपेश वर्मा, सुनील वर्मा, रमेश, एकता, माया देवी, ओमप्रकाश, अमन दाधीच, अभिषेक, मनीषा बगड़िया, रोहिताश सैनी, अजय सैनी, सुरेश कुमार सैनी, कपिल कुमार और हरिराम टेलर शामिल हैं।

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