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40 साल पुरानी जलभराव की समस्या पर फिर जगी उम्मीद, अब समाधान का इंतजार


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40 साल पुरानी जलभराव की समस्या पर फिर जगी उम्मीद, अब समाधान का इंतजार

बिसाऊ के वार्ड 5 और 6 में गैनाणी का अधिकारियों ने किया मौका मुआयना, लोगों ने कहा—सिर्फ आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : लतीफ खान

बिसाऊ : कस्बे के वार्ड नंबर 5 और 6 में गंदे पानी की निकासी की समस्या को लेकर एक बार फिर समाधान की उम्मीद जगी है। चेयरमैन प्रतिनिधि सलीम सैय्यद ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सीताराम कुमावत, नगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अयूब खान, ठेकेदार सद्दाम और पालिका के कनिष्ठ अभियंता सौमंत कुमार के साथ गैनाणी (गोचिया री बाड़ी) का मौका मुआयना किया। अधिकारियों ने जल निकासी की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। अब वार्डवासियों को इंतजार है कि सर्वे के बाद धरातल पर काम कब शुरू होगा।

चार दशक से बनी हुई है समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार, गैनाणी में जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या करीब 40 साल पुरानी है। पूर्व पालिका अध्यक्ष हारुन खत्री ने भी अपने कार्यकाल में समस्या के समाधान के लिए अपने खेत से गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था की थी, लेकिन वार्डवासियों को अब तक स्थायी समाधान का इंतजार है।

चुनावी वादे भी नहीं दिला पाए राहत

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान क्षेत्रीय विधायक रीटा चौधरी ने वार्ड सभा में जल निकासी की समस्या को प्राथमिकता से हल करवाने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद लोगों के अनुसार समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। नगर पालिका चुनाव-2026 से पहले भी यह मुद्दा सामाजिक माध्यमों पर चर्चा में रहा था।

जनप्रतिनिधियों के सामने चुनौती

नगर पालिका में कांग्रेस की सलमा सैय्यद अध्यक्ष हैं, जबकि भाजपा की जुलेखा खत्री उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में वार्डवासियों को उम्मीद है कि सभी जनप्रतिनिधि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समस्या के समाधान के लिए पहल करेंगे। इस मामले में विधायक रीटा चौधरी, चेयरमैन प्रतिनिधि सलीम सैय्यद, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि हारुन खत्री और वार्ड पार्षद आबिद तंवर व अहमद राजा की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वार्डवासियों की मांग है कि मौका मुआयना और आश्वासन तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहे। जल निकासी की ठोस कार्ययोजना बनाकर जल्द काम शुरू किया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके। अब सवाल यही है कि गैनाणी के गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान कब होगा?

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