एआई और स्मार्ट तकनीक से बदलेगा कक्षा-कक्ष का स्वरूप
पर्सनलाइज्ड एडाप्टिव लर्निंग, स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
सीकर : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), सीकर के ईटी विभाग की ओर से पर्सनलाइज्ड एडाप्टिव लर्निंग, स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण का बुधवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में शिक्षकों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षण को सरल, रुचिकर और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विद्यार्थियों की क्षमता, सीखने की गति, रुचि और आवश्यकता के अनुसार शिक्षण सामग्री तैयार करने तथा कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग देने की तकनीक समझाई गई। स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड के माध्यम से चित्र, वीडियो, एनीमेशन और डिजिटल सामग्री का उपयोग कर कक्षा को अधिक संवादात्मक बनाने का अभ्यास कराया गया।
तकनीक शिक्षक का विकल्प नहीं, सहयोगी है
समापन अवसर पर ईटी प्रभारी बजरंगलाल डूडी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के साथ कदमताल करना समय की आवश्यकता है। प्रशिक्षण की सफलता तभी है, जब सीखी गई तकनीकों का उपयोग विद्यालयों की कक्षाओं में दिखाई दे और विद्यार्थियों के सीखने का अनुभव बेहतर हो।
ईटी विभाग की सह प्रभारी सुरभि चौधरी ने कहा कि व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार सीखने की व्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा में व्यापक बदलाव ला सकती है। तकनीक शिक्षक का स्थान नहीं लेगी, बल्कि शिक्षक की क्षमता को बढ़ाने का माध्यम बनेगी। इसके जरिए शिक्षक विद्यार्थियों की जरूरतों को समझकर बेहतर शिक्षण योजना तैयार कर सकते हैं।
मास्टर ट्रेनर राज कमल जाखड़ ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी क्षमता बढ़ाने वाला माध्यम है। इसके रचनात्मक उपयोग से विद्यार्थियों की सहभागिता, जिज्ञासा और सीखने की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न साधनों का कराया अभ्यास
आईटी विशेषज्ञ विकास गोरा ने पर्सनलाइज्ड एडाप्टिव लर्निंग पर कंप्यूटर अनुदेशकों को व्यावहारिक अभ्यास कराया। प्रशिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न साधनों, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट के को-पायलट का उपयोग शामिल है, के माध्यम से कक्षा-कक्ष को बेहतर बनाने के तरीकों पर कार्य किया गया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों ने डिजिटल गतिविधियों, व्यावहारिक सत्रों और तकनीकी अभ्यासों में भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को वर्तमान शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप उपयोगी और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर बजरंग लाल डूडी, सुरभि चौधरी, अशोक कुमार, विकास कुमार गोरा, दिलीप यादव तथा पीरामल फाउंडेशन से हसीना खान और अमान खान सहित अन्य मौजूद रहे।
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