[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सिंघाना में हर्निया ऑपरेशन के बाद युवक की मौत:परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर दिया धरना; पेट दर्द होने पर पहुंचा था अस्पताल


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसिंघाना

सिंघाना में हर्निया ऑपरेशन के बाद युवक की मौत:परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर दिया धरना; पेट दर्द होने पर पहुंचा था अस्पताल

सिंघाना में हर्निया ऑपरेशन के बाद युवक की मौत:परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर दिया धरना; पेट दर्द होने पर पहुंचा था अस्पताल

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : डॉ. आजाद अहमद खान

सिंघाना : सिंघाना में हर्निया के ऑपरेशन के बाद 27 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने निजी अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर सिंघाना थाना पुलिस और गाड़ाखेड़ा चौकी से पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात किया गया।

पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था युवक

जानकारी के अनुसार सिंघाना के वार्ड नंबर 30 निवासी राजेश नायक (27) पुत्र दानाराम को पिछले रविवार को पेट में दर्द की शिकायत होने पर उपचार के लिए निजी राज अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद अस्पताल में उसका हर्निया का ऑपरेशन किया गया। बुधवार को उसे अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही राजेश की तबीयत बिगड़ने लगी थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद उसे दो दिन तक अस्पताल में रखा गया और उसकी गंभीर स्थिति के बारे में परिवार को सही जानकारी नहीं दी गई।

हालत बिगड़ने पर जयपुर किया रेफर

परिजनों के अनुसार राजेश की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे दोबारा अस्पताल लाया गया। इसके बाद डॉक्टर ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। परिजन युवक को इलाज के लिए जयपुर लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजन शव को वापस सिंघाना लेकर पहुंचे। इसके बाद अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना शुरू कर दिया गया। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों की भीड़ जमा हो गई।

इलाज में लापरवाही का आरोप, जांच की मांग

ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अस्पताल के बाहर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली।पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान सिंघाना थाने के साथ गाड़ाखेड़ा चौकी से भी पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा।

 

दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

राजेश नायक अपने परिवार में इकलौता था। उसके पिता की करीब चार साल पहले मृत्यु हो चुकी है। राजेश कलर-पेंट की मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राजेश के पीछे चार साल की बेटी पलवी और दो साल का बेटा रिषी हैं। युवक की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

साढ़े तीन घंटे बाद आर्थिक सहायता पर बनी सहमति

धरने के करीब साढ़े तीन घंटे बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच वार्ता हुई। पार्षद डीपी सैनी, डॉ. नरेंद्र शर्मा, महावीर ठेकेदार, लालाराम नायक, अजय नायक सहित परिजनों का प्रतिनिधिमंडल अस्पताल प्रबंधन से बातचीत में शामिल हुआ। वार्ता के दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया और शव को वहां से ले गए।

Related Articles