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चहल बोले- कांग्रेस-हारने के बाद EVM को दोष देती हैं:भाजपा की 14 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषद सीटों पर नजर


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चहल बोले- कांग्रेस-हारने के बाद EVM को दोष देती हैं:भाजपा की 14 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषद सीटों पर नजर

चहल बोले- कांग्रेस-हारने के बाद EVM को दोष देती हैं:भाजपा की 14 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषद सीटों पर नजर

झुंझुनूं : पंचायती राज चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। भाजपा ने जिले की 14 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषद सीटों को लेकर चुनावी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रदेश संगठन सह-प्रभारी कुलदीप चहल ने बताया- पंचायत चुनाव में टिकट के लिए स्थानीय पकड़, संगठन के साथ सक्रियता और बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क होना जरूरी है। टिकट के लिए भाजपा अचानक आने वाले किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जाएगा। चहल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- विपक्ष चुनाव में हार के बाद अपनी नाकामी स्वीकार करने के बजाय EVM को दोष देता है।

जीताऊ चेहरा सबसे ज्यादा जरूरी

भाजपा की प्राथमिकता हर क्षेत्र में ऐसा प्रत्याशी उतारने की होगी, जो पार्टी के परंपरागत वोट के साथ-साथ स्थानीय समीकरणों को भी साध सके। पंचायत चुनाव भाजपा के प्रदेश संगठन सह-प्रभारी कुलदीप चहल ने बताया- पार्टी की रणनीति में ऐसे दावेदारों को प्राथमिकता मिलेगी। जिनकी अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत पकड़ हो, कार्यकर्ताओं के बीच स्वीकार्यता हो और चुनाव जीतने की क्षमता साबित हो। यानी केवल पार्टी का पदाधिकारी होना टिकट की गारंटी नहीं होगा। पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में स्थानीय स्तर पर प्रत्याशी की व्यक्तिगत लोकप्रियता, सामाजिक समीकरण और बूथ मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण होंगे।

सर्वे और संगठन की रिपोर्ट पर तय होंगे नाम

भाजपा में टिकट वितरण के दौरान स्थानीय संगठन की रिपोर्ट और संभावित प्रत्याशियों की स्थिति को महत्व दिया जाएगा। दावेदार की क्षेत्र में पकड़, पिछले चुनावों में प्रदर्शन, संगठन के साथ सक्रियता और स्थानीय स्तर पर उसकी स्वीकार्यता को देखा जा सकता है। पार्टी के लिए चुनौती यह भी होगी कि टिकट की दौड़ में कई दावेदारों के बीच संतुलन बनाया जाए। ऐसे में एक ही सीट पर कई दावेदारों में से सबसे मजबूत और जीताऊ नाम चुनना संगठन के लिए अहम रहेगा।

चहल ने कांग्रेस पर निशाना साधा

उन्होंने कहा कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा कर रही है। कार्यकर्ताओं को इसी विश्वास के साथ जनता के बीच जाने का आह्वान किया। चहल ने शेखावाटी की राजनीतिक और सामाजिक चेतना का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरा। ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ का संदेश दिया।

कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी

पंचायतीराज चुनाव संभाग सह-प्रभारी मोतीलाल मीणा, जिला संगठन प्रभारी कमल शिखवाल, सह-प्रभारी मुकेश गोयल और माटी कला बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने जिले की सभी 14 पंचायत समितियों में जीत दर्ज करने के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी।

​जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी बताया- जिस तरह संगठन ने एकजुटता के दम पर निकाय चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था, उसी तरह पंचायत और जिला परिषद चुनाव में भी कार्यकर्ता पूरी ताकत झोंककर जिले में भाजपा का बोर्ड बनाएंगे।

14 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषद सीटें लक्ष्य

झुंझुनूं में भाजपा के सामने पंचायत चुनाव में बड़ा लक्ष्य है। जिले में 14 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषद सीटें हैं। पार्टी अब इन सीटों को केवल संख्या के तौर पर नहीं, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक क्षेत्रों के रूप में देख रही है। झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू के कहा- स्थानीय मतदाताओं के बीच प्रत्याशी की छवि ही टिकट का आधार होगी। इस दौरान पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार खीचड़, संतोष अहलावत, पूर्व विधायक सुभाष पूनिया, रणवीर सिंह गुढ़ा, पूर्व विधायक जे पी चंदेलिया, पूर्व जिलाध्यक्ष पवन मावंडिया, राजेंद्र शर्मा, राजीव सिंह शेखावत, बनवारीलाल सैनी, राजेश दहिया, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विश्वंभर पूनिया, हनुमानगढ़ जिला प्रभारी दिनेश धाबाई और जिला महामंत्री योगेंद्र मिश्रा साथ रहे।

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