पैसे नहीं दोस्ती के लिए फौजी ने हथियार डिलीवर किए:गैंगस्टर दोस्त छोड़ चुका मर्चेंट नेवी की नौकरी, विदेश में बैठकर दिए थे निर्देश
पैसे नहीं दोस्ती के लिए फौजी ने हथियार डिलीवर किए:गैंगस्टर दोस्त छोड़ चुका मर्चेंट नेवी की नौकरी, विदेश में बैठकर दिए थे निर्देश
सीकर : रोहित गोदारा गैंग के लिए हथियार सप्लाई करने के मामले में पकड़े गए फौजी भोपाल सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। भोपाल सिंह ने बताया- वह विदेश में बैठे गैंगस्टर सागर उर्फ दीपेंद्र शेखावत का बचपन का दोस्त है। दोस्ती निभाने के लिए गैंगस्टर सागर के कहने पर उसने विदेश से आए हथियार की डिलीवरी दी थी। इस दौरान वह सरकारी गाड़ी में बैठकर गया था। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दरअसल, जयपुर में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 16 जून को ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध हथियारों के साथ सवाई माधोपुर के रहने वाले बाबूलाल शर्मा उर्फ पंडित और अक्षय गुर्जर को पकड़ा था। इनके पास से 40 कारतूस, 3 मोबाइल सहित कारतूस बरामद किए थे। इनकी निशानदेही के बाद सीकर पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग के गुलाब सिंह और प्रदीप मंडीवाल को गिरफ्तार किया था।
जब सभी आरोपियों से पूछताछ की तो सामने आया कि इनके पास जो हथियार थे, वे फौजी भोपाल सिंह राजावत के जरिए आए थे। इसके बाद 21 सितंबर को सीकर DST टीम ने जयपुर से फौजी भोपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस भोपाल सिंह से पूछताछ कर रही है।

स्कूल में साथ पढे़ थे फौजी भोपाल और गैंगस्टर सागर
पुलिस ने जांच में पता चला कि आरोपी भोपाल सिंह ने पैसों के लालच में नहीं, बल्कि बचपन की दोस्ती निभाने के लिए हथियारों की सप्लाई की थी। हिस्ट्रीशीटर सागर और फौजी भोपाल दोनों जयपुर में स्कूल में साथ पढे़ थे। पढ़ाई में दोनों होशियार थे। ऐसे में भोपाल सिंह आर्मी में भर्ती हो गया। वहीं सागर मर्चेंट नेवी में नौकरी करने लगा। इसके बाद कॉलेज टाइम के दौरान ही सागर जयपुर की शिवराज गैंग के जरिए लॉरेंस गैंग से जुड़ गया था। ऐसे में लॉरेंस गैंग के रोहित गोदारा की उससे सीधी बातचीत होने लगी थी।
आनंदपाल के एनकाउंटर के नेवी की नौकरी छोड़ विदेश भागा
आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद सागर उर्फ दीपेंद्र ने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ दी और गैंग के लिए काम करने लग गया। इस दौरान उस पर हत्या सहित कई मुकदमे दर्ज हुए। लॉरेंस गैंग और रोहित गोदारा गैंग के अलग होने के बाद गोदारा गैंग के लिए सागर काम करने लगा। पिछले साल जब सागर के भाई की शादी थी तो उसे तीन से चार दिन की पैरोल मिली थी, लेकिन शादी में आने की बजाय सागर विदेश भाग गया। गोदारा गैंग का जीशान भी विदेश में था।
रोहित गोदारा गैंग ने सीकर सहित कई जिलों में हाई प्रोफाइल लोगों को पिछले 2 साल में फिरौती के लिए धमकियां दीं, लेकिन जब उन्हें कोई भी पैसा नहीं मिला तो उन्होंने हथियार भिजवाए। फायरिंग जैसी किसी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग की।
गोदारा गैंग के लिए काम करने वाले सागर उर्फ दीपेंद्र और जीशान के राजस्थान में अच्छे कॉन्टैक्ट थे। दोनों ने मिलकर राजस्थान में हथियार पहुंचाने और वारदात करवाने की प्लानिंग की। इसके लिए राजधानी जयपुर में हैंडलर के जरिए जिगाना सहित कई हाईटेक पिस्टल पार्सल के रूप में भोपाल सिंह के पास भिजवाई। भोपाल सिंह पार्सल देने के लिए सरकारी गाड़ी में बैठकर गया था। भोपाल सिंह ने बाबूलाल और अक्षय को डिलीवरी दे दी। इसके बाद बाबूलाल ने हथियार सीकर पहुंचाए।
हथियारों के भारत आने के रूट पर पुलिस की नजर
पुलिस ने बताया- जांच की जा रही है कि जयपुर तक यह हथियार कैसे आए और कौन मीडिएटर है। जिगाना पिस्टल तुर्की में निर्मित है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि किस रास्ते से हथियार राजस्थान तक पहुंचे।
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