चुनाव आयुक्त पर ममता का तंज-वे ज्ञानेश नहीं, गायब कुमार:वोटर्स के नाम काटे, उन्हें जाना होगा; राहुल का आरोप- चुनावों में फिक्सिंग की
चुनाव आयुक्त पर ममता का तंज-वे ज्ञानेश नहीं, गायब कुमार:वोटर्स के नाम काटे, उन्हें जाना होगा; राहुल का आरोप- चुनावों में फिक्सिंग की
नई दिल्ली/कोलकाता : SIR विवाद और चुनाव आयोग में आयुक्तों के बीच मतभेद के सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त लगातार विपक्ष के निशाने पर हैं।पूर्व बंगाल CM ममता बनर्जी ने उन्हें ‘वैनिश’ कुमार यानी गायब कुमार कह दिया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर SIR के दौरान वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम ‘गायब’ करने का आरोप लगाया। हुगली में शनिवार को पार्टी की रैली के दौरान ममता ने मांग की है कि ज्ञानेश को जाना होगा, जब तक यह मुद्दा हल नहीं हो जाता, पार्टी उनका विरोध करती रहेगी।
ममता की पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा है कि सिर्फ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है। इधर, राहुल गांधी ने भी X पर लिखा- ज्ञानेश कुमार को मोदी और शाह ने अंपायर बनाकर भारत के चुनावों में मैच फिक्सिंग का जिम्मा सौंप दिया।
पीएम मोदी ने ज्ञानेश कुमार को नियुक्त किया। उनके खिलाफ लिखे मेरे लेटर पर कोई कार्रवाई इसलिए नहीं हुई क्योंकि पीएम, शाह ज्ञानेश कुमार को बचाते हैं। हमारे पास इसके सबूत हैं। – राहुल गांधी लोकसभा में नेता विपक्ष
I.N.D.I.A. ब्लॉक में बैठक को लेकर चर्चा जारी
विपक्षी दलों का एक वर्ग I.N.D.I.A. ब्लॉक की जल्द बैठक बुलाने के पक्ष में है। इसमें चुनाव आयोग के मुद्दे पर मिलकर आगे की रणनीति तय करने की बात हो रही है। हालांकि, अब तक गठबंधन ने कोई साझा एक्शन प्लान जारी नहीं किया है। CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी राहुल गांधी से SIR के मुद्दे पर I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक बुलाने की बात कह चुके हैं। वहीं, एमए बेबी 27 सितंबर को AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने वाले हैं।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के अन्य नेताओं के बयान
प्रियंका गांधी: उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनाव आयुक्त को उपलब्ध कानूनी सुरक्षा को हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने चुनाव आयोग को जवाबदेही से बचाने के लिए ये सुरक्षा उपाय लागू किए थे।
डेरेक ओ ब्रायन: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव ने शनिवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग चुनाव आयोग के खिलाफ उनके अभियान का केंद्र बनी हुई है।
केसी वेणुगोपाल: CEC ज्ञानेश कुमार को ‘जुडास’ (धोखेबाज) कहा और कहा कि यह शर्म की बात है कि वह केरलम कैडर के अधिकारी थे।
SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया
यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।
दो चुनाव आयुक्तों ने 4 बड़े सवाल उठाए
1. फॉर्म-6 में बदलाव: नए वोटरों से पिछली SIR लिस्ट में खुद या परिवार के नाम की जानकारी मांगने पर दोनों ने सवाल उठाया। संधू ने इसे गैरकानूनी बताते हुए हटाने की मांग की।
2. वोटर डेटा का कंट्रोल: दोनों ने सवाल किया कि वोटर डेटाबेस का कंट्रोल दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है और राज्यों की पहुंच क्यों सीमित हो रही है।
3. बंगाल में 16 लाख अपीलें: संधू ने पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर करीब 16 लाख अपीलें किसने और किसकी अनुमति से दायर कीं।
4. गोवा के 97 वोटर: जांच में योग्य पाए गए 97 वोटरों को सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सका।
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