[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

चिड़ावा में भाजपा को झटका, मीडिया प्रभारी मंगेश भगत कांग्रेस में शामिल


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चिड़ावाझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

चिड़ावा में भाजपा को झटका, मीडिया प्रभारी मंगेश भगत कांग्रेस में शामिल

सुमित्रा सैनी के शपथ ग्रहण समारोह में ओला-काला ने पहनाया कांग्रेस का दुपट्टा; नगरपालिका चुनाव के बाद बदले स्थानीय सियासी समीकरण

चिड़ावा : नगरपालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमित्रा सैनी के शपथ ग्रहण समारोह में चिड़ावा की स्थानीय राजनीति से जुड़ा अहम घटनाक्रम सामने आया। भाजपा नगर मंडल चिड़ावा में मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे मंगेश भगत कांग्रेस में शामिल हो गए।समारोह के दौरान सांसद बृजेंद्र सिंह ओला और पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने मंगेश भगत को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया।

भाजपा में मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे भगत

मंगेश भगत चिड़ावा भाजपा नगर मंडल में मीडिया प्रभारी की भूमिका में थे। उनके कांग्रेस में शामिल होने की खबर के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। वहीं, नगरपालिका चुनाव में सुमित्रा सैनी ने 45 सदस्यीय नगरपालिका में 26 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद संभाला है।

माता कांग्रेस की पार्षद, अब भगत भी कांग्रेस के साथ

मंगेश भगत की माता सजना देवी वार्ड नंबर 36 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद निर्वाचित हुई हैं। ऐसे में मंगेश भगत का कांग्रेस में शामिल होना स्थानीय राजनीति में खासा चर्चा का विषय बन गया है।

टिकट को लेकर नाराजगी की चर्चा

स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार मंगेश भगत नगरपालिका चुनाव में भाजपा से पार्षद पद का टिकट मांग रहे थे। टिकट नहीं मिलने के बाद उनके पार्टी से नाराज होने की चर्चाएं थीं। हालांकि, कांग्रेस में शामिल होने की वजह को लेकर मंगेश भगत की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए टिकट को लेकर नाराजगी की बात को फिलहाल स्थानीय राजनीतिक चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।

ओला और काला की मौजूदगी में कांग्रेस में स्वागत

सुमित्रा सैनी के शपथ ग्रहण समारोह में सांसद बृजेंद्र सिंह ओला और पिलानी विधायक पितराम सिंह काला मौजूद रहे। इसी दौरान दोनों नेताओं ने मंगेश भगत को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर पार्टी में शामिल कराया। मंगेश भगत के कांग्रेस में आने के बाद अब चिड़ावा की स्थानीय राजनीति में इसका असर आगे किस रूप में दिखाई देता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

Related Articles