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फतेहपुर में भाजपा की अंजू भिंडा बनीं सभापति: कांग्रेस की निकिता रिणवा को 5 वोट से हराया, 30-25 रहा परिणाम


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फतेहपुर में भाजपा की अंजू भिंडा बनीं सभापति: कांग्रेस की निकिता रिणवा को 5 वोट से हराया, 30-25 रहा परिणाम

फतेहपुर में भाजपा की अंजू भिंडा बनीं सभापति: कांग्रेस की निकिता रिणवा को 5 वोट से हराया, 30-25 रहा परिणाम

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आबिद खान दाडून्दा

फतेहपुर : नगर परिषद सभापति पद के चुनाव में सोमवार को भाजपा प्रत्याशी अंजू भिंडा निर्वाचित हुईं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निकिता रिणवा को 5 वोट के अंतर से हराया। कुल 55 पार्षदों के मतदान में अंजू भिंडा को 30 और निकिता रिणवा को 25 वोट मिले। परिणाम घोषित होते ही भाजपा समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी पंकज गढ़वाल ने परिणाम की घोषणा की और नवनिर्वाचित सभापति अंजू भिंडा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा गया।

एक सप्ताह बाद मतदान केंद्र पहुंचे पार्षद

सभापति चुनाव को लेकर पिछले दिनों से चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बाद सोमवार को मतदान कराया गया। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने पार्षदों को मतदान केंद्र तक लेकर पहुंचे। सुबह 10 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई और मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया गया।

परिणाम के बाद भाजपा समर्थकों ने जश्न मनाया। वहीं कांग्रेस खेमे में परिणाम को लेकर चर्चा शुरू हो गई। चुनाव से पहले पार्षदों के समर्थन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे किए जा रहे थे, लेकिन मतदान के बाद सामने आए 30-25 के परिणाम ने तस्वीर साफ कर दी।

अंजू भिंडा ने निर्दलीय के रूप में जीता था पार्षद चुनाव

अंजू भिंडा ने नगर परिषद के पार्षद चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। बाद में भाजपा ने उन्हें सभापति पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया। नामांकन के समय भी उनके भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आई थी।

उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार फतेहपुर नगर परिषद के 55 वार्डों में 21 कांग्रेस, 21 निर्दलीय और 13 भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए थे।

भिंडा परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का भी जिक्र

अंजू भिंडा की जीत के बाद उनके परिवार की स्थानीय राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में है। अंजू भिंडा भाजपा नेता मधुसूदन भिंडा की पत्नी हैं। वहीं उनके परिवार का स्थानीय निकाय की राजनीति से पुराना जुड़ाव बताया जाता है।

भाजपा नेताओं ने जीत के बाद शहर के विकास, सफाई व्यवस्था और सभी वार्डों में विकास कार्य कराने की बात कही। हालांकि विकास संबंधी ये प्राथमिकताएं नवनिर्वाचित सभापति और पार्टी नेताओं के बयान हैं; इनके क्रियान्वयन का आकलन आगे होने वाले कार्यों से होगा।

पुलिस व्यवस्था के बीच हुआ मतदान

चुनाव को देखते हुए नगर परिषद परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। मतदान के दौरान परिसर के बाहर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच बहस की स्थिति बनने की बात सामने आई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मतदान प्रक्रिया पूरी कराई। सुरक्षा व्यवस्था के चलते नगर परिषद परिसर में प्रवेश को लेकर भी सख्ती रखी गई।

अब शहर के विकास पर रहेगी नजर

सभापति पद का चुनाव पूरा होने के बाद अब नगर परिषद में नई कार्यकारिणी के सामने शहर की सफाई, सड़क, जलभराव और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। नवनिर्वाचित सभापति की ओर से भी शहर के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

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