मॉडल सीएचसी में CBC जांच तक नहीं, मरीजों में रोष
ग्रामीण बोले—जब सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं तो मॉडल सीएचसी का क्या फायदा, जल्द व्यवस्था शुरू नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अनिल शर्मा
शिमला : राजकीय अनारदेवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिमला को मॉडल सीएचसी का दर्जा मिलने के बावजूद मरीजों को सामान्य जांचों के लिए भी निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में सीबीसी जैसी सामान्य जांच तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण मरीजों को बाहर निजी लैब में जाकर जांच करवानी पड़ रही है। इससे खासकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव में मॉडल सीएचसी जैसी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध है और सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जा रहा है, तो मरीजों को सामान्य जांचों के लिए भी निजी लैब में पैसे क्यों देने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर संचालित निजी लैब की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लैब की जांच व्यवस्था निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं है और जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर भी लोगों में आशंका है। ग्रामीणों ने संबंधित लैब के लाइसेंस और वैध अनुमति की भी जांच करवाने की मांग की है।
मेहाड़ा में अस्पताल के अंदर हो रही जांच तो शिमला में क्यों नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि मेहाड़ा सीएचसी सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अस्पताल परिसर में ही विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधा मिल रही है। वहां जांच के लिए फर्म को जिम्मेदारी दिए जाने की व्यवस्था होने की बात ग्रामीणों ने बताई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शिमला सीएचसी में जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किसी फर्म को जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई है। यदि सरकारी स्तर पर ऐसी व्यवस्था की जा सकती है तो शिमला में मरीजों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा।
ग्रामीणों में रोष, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी में सभी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि मरीजों को छोटी-छोटी जांचों के लिए निजी लैब के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में जल्द से जल्द सीबीसी सहित सभी आवश्यक जांचें शुरू करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही शिमला सीएचसी में आवश्यक जांच सुविधाएं शुरू नहीं की गईं तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि मॉडल सीएचसी का वास्तविक लाभ मरीजों को अस्पताल के अंदर ही जांच और उपचार की सुविधा मिलने पर ही मिलेगा।
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