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किशोरपुरा में फसल रौंदकर जबरन रास्ता बनाने का मामला:ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग, एनजीटी जाने की तैयारी


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किशोरपुरा में फसल रौंदकर जबरन रास्ता बनाने का मामला:ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग, एनजीटी जाने की तैयारी

किशोरपुरा में फसल रौंदकर जबरन रास्ता बनाने का मामला:ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग, एनजीटी जाने की तैयारी

पाटन : पाटन के किशोरपुरा क्षेत्र में निजी और शामलात भूमि से खातेदारों की सहमति के बिना रास्ता निकालने के आरोपों के बीच वन विभाग ने कार्रवाई की है। ग्रामीणों ने खनन कारोबारियों पर जबरन रास्ता निकालने और खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि किशोरपुरा के खसरा नंबर 384 में वन भूमि पर अतिक्रमण कर उसे काश्त के रूप में उपयोग किया जा रहा था, जिसे हटाने की कार्रवाई की गई है।

प्रभावित खातेदारों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना भूमि से रास्ता निकाला जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रास्ता निकालने के दौरान खेतों में खड़ी फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया गया और कृषि भूमि भी खराब हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि मामला केवल रास्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भूमि अधिकार, फसल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े हो रहे हैं। प्रभावित खातेदारों का कहना है कि रास्ता निकालने से पहले सभी संबंधित खातेदारों की सहमति नहीं ली गई।

निरीक्षण और फसल नुकसान का पंचनामा कराने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस भूमि से रास्ता निकाला जा रहा है, उसकी कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए और यह जांच की जाए कि वहां रास्ता निकालने की अनुमति है या नहीं। इसके साथ ही ग्रामीणों ने खेतों में हुई फसल क्षति का पंचनामा तैयार करवाकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।

वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की बताई कार्रवाई

पाटन के क्षेत्रीय वन अधिकारी रविंद्र सिंह भाटी ने बताया कि किशोरपुरा के खसरा नंबर 384 में वन भूमि पर अतिक्रमण कर उसे काश्त के रूप में उपयोग में लिया जा रहा था। उच्च अधिकारियों के निर्देशन में वन भूमि पर की गई तारबंदी और दीवार को हटाकर अतिक्रमण हटाया गया।

वन विभाग के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के बाद वन भूमि को विभाग के कब्जे में ले लिया गया है। विभाग की ओर से अब इस क्षेत्र में नियमित गश्त की जाएगी। रविंद्र सिंह भाटी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति दोबारा वन भूमि पर अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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