झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव: हॉट सीट वार्ड 49 में मतदान पर विवाद, विधायक भाम्भू और दामाद पर लगे गंभीर आरोप
मतदाता अंजलि की शिकायत - ‘सहायता’ के नाम पर महिला स्वास्थ्यकर्मी मतदान कक्ष में पहुंची, मेरी सहमति के बिना EVM का बटन दबाया; जिला निर्वाचन अधिकारी ने जांच के दिए निर्देश
झुंझुनूं : नगर परिषद झुंझुनूं के वार्ड 49 में मतदान के दौरान कथित रूप से मतदाता की सहमति के बिना वोट डलवाने का मामला सामने आया है। वार्ड की मतदाता अंजलि ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया कि मतदान केन्द्र पर तैनात एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने सहायता के नाम पर उनके साथ मतदान कक्ष में प्रवेश किया और उनकी इच्छा के विरुद्ध ईवीएम का बटन दबा दिया।
मतदाता ने अपनी शिकायत में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे स्थानीय विधायक राजेंद्र भाम्भू और उनके दामाद की कथित मिलीभगत तथा दबाव का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विधायक एवं उनके दामाद का पक्ष सामने आना बाकी है।
‘मदद के नाम पर अंदर आईं, फिर मेरी मर्जी के बिना दबाया बटन’
शिकायतकर्ता अंजलि के अनुसार, वह अपने मताधिकार का प्रयोग करने मतदान केन्द्र पहुंची थीं। वहां मौजूद महिला स्वास्थ्यकर्मी ने मतदान में मदद करने की बात कही और उनके साथ मतदान कक्ष में गईं।
अंजलि का आरोप है कि उन्होंने स्वयं ईवीएम पर बटन दबाने की सहमति नहीं दी थी, इसके बावजूद महिला स्वास्थ्यकर्मी ने उनकी ओर से बटन दबा दिया। उन्होंने इसे अपने स्वतंत्र मतदान के अधिकार का उल्लंघन बताया है।
“मैं वोट डालने गई थी। महिला स्वास्थ्यकर्मी ने कहा कि मैं मदद कर देती हूं। अंदर जाकर बिना मेरी मर्जी के EVM का बटन दबा दिया।” – अंजलि, मतदाता, वार्ड 49
विधायक और दामाद पर भी लगाए आरोप
अंजलि ने शिकायत में आरोप लगाया कि मतदान केन्द्र पर कथित तौर पर विधायक राजेंद्र भाम्भू और उनके दामाद का दबाव था और इसी के चलते उनके वोट को प्रभावित किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने वार्ड 49 के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। प्रशासन की ओर से शिकायत की जांच कराए जाने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
मामला मतदान की गोपनीयता और मतदाता की स्वतंत्रता से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है। अब जांच में यह स्पष्ट होना है कि मतदान केन्द्र पर वास्तव में क्या हुआ, महिला स्वास्थ्यकर्मी की भूमिका क्या थी और लगाए गए राजनीतिक दबाव के आरोपों में कितनी सच्चाई है। जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार मतदान की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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