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363 खाद्य सुरक्षा आवेदन लंबित मिलने पर विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस


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363 खाद्य सुरक्षा आवेदन लंबित मिलने पर विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

363 खाद्य सुरक्षा आवेदन लंबित मिलने पर विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

झुंझुनूं : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) पोर्टल के अवलोकन के दौरान पंचायत समिति उदयपुरवाटी स्तर पर 363 आवेदन लंबित पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विकास अधिकारी (BDO), पंचायत समिति उदयपुरवाटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस में जिला कलेक्टर ने कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना राज्य सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली योजना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न सहित सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। ऐसे में पात्र परिवारों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रहना गंभीर विषय है।

जिला कलेक्टर ने विकास अधिकारी को पोर्टल पर लंबित सभी 363 आवेदनों का नियमानुसार तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आवेदनों के लंबित रहने एवं कार्य में हुई शिथिलता के कारणों को स्पष्ट करते हुए तीन कार्यदिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।

जिला कलेक्टर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवेदनों का लंबे समय तक लंबित रखा जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरता है आवेदन

गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जोड़ने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदक ई-मित्र के माध्यम से आवेदन करता है। आवेदन संबंधित उपखंड अधिकारी के स्तर पर पहुंचने के बाद पात्रता के सत्यापन के लिए संबंधित नगर निकाय के अधिशासी अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए संबंधित विकास अधिकारी को अग्रेषित किया जाता है। इसके बाद गठित जांच समिति द्वारा आवेदन की जांच की जाती है।

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन संबंधित रसद विभाग के अधिकारियों के माध्यम से आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है। तत्पश्चात अनुमोदन के लिए आवेदन पुनः संबंधित उपखंड अधिकारी के पास पहुंचता है और पात्र पाए जाने पर आवेदक का नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा जाता है।

जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिले, इसके लिए आवेदन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए।

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