राजलदेसर वार्ड 33: जलभराव से परेशान निवासियों की चेतावनी:समस्या हल न होने पर नोटा या निर्दलीय प्रत्याशी उतारेंगे
राजलदेसर वार्ड 33: जलभराव से परेशान निवासियों की चेतावनी:समस्या हल न होने पर नोटा या निर्दलीय प्रत्याशी उतारेंगे
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : चूरू के राजलदेसर कस्बे के वार्ड 33 में लंबे समय से गंदे पानी की निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था बदहाल होने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव से परेशान वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगामी चुनाव में वे NOTA का विकल्प चुनेंगे या मोहल्ले से निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। लोगों का कहना है कि नगरपालिका और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
जलभराव से बच्चों की पढ़ाई और आवागमन प्रभावित
वार्ड की जेतुन बानों, राकेश सोनी और हसन ने बताया कि क्षेत्र में जगह-जगह गंदा पानी जमा है। जलभराव की स्थिति ऐसी है कि बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है और लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
नाली और गड्ढों के काम के लिए चंदा जुटाने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालियों और रास्तों पर बने गड्ढों की मरम्मत के लिए भी उन्हें अपनी जेब से चंदा एकत्र करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव के बाद वार्ड की जमीनी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।

‘समाधान नहीं तो किसी दल को समर्थन नहीं’
नगरपालिका और जनप्रतिनिधियों की कथित अनदेखी से नाराज वार्डवासियों ने अब चुनाव में राजनीतिक दलों का विरोध करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि जलभराव और सफाई की समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो वे किसी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं देंगे। इसके बजाय मोहल्ले से निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा करने या चुनाव में NOTA का प्रयोग करने पर विचार किया जाएगा।
ईओ बोले- नीचा रास्ता होने से जमा होता है पानी
राजलदेसर नगरपालिका के ईओ सीताराम मीणा ने ढोली बस्ती में जलभराव की समस्या को लेकर बताया कि बस्ती का मार्ग नीचा होने के कारण यहां पानी जमा हो जाता है। पालिका प्रशासन की ओर से जेटिंग मशीन और टैंकरों के माध्यम से नियमित रूप से पानी की निकासी कराई जा रही है। इसके अलावा पानी सोखने के लिए जमीन में कुइयां भी बनवाई गई हैं।
स्थायी समाधान के लिए पंप हाउस या ड्रेनेज सिस्टम जरूरी
ईओ मीणा ने कहा कि समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब मौके की स्थिति के अनुसार छोटा पंप हाउस या स्थायी ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जाए। स्थानीय निवासियों द्वारा निजी खर्च पर काम कराने के आरोपों पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उनके अनुसार पालिका स्तर पर सफाई निरीक्षक और कर्मचारियों को भेजकर राहत कार्य करवाए जा रहे हैं।
मौका मुआयना कर रास्ता दुरुस्त कराने का आश्वासन
ईओ ने कहा कि पालिका का कोई भी कर्मचारी किसी के निजी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करता। उन्होंने आश्वासन दिया कि मौका मुआयना करवाकर रास्ते को सुदृढ़ और दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि वार्डवासियों को आवागमन में परेशानी नहीं हो। अब देखना यह होगा कि पालिका की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों के बाद वार्ड 33 की वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
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