नशा मुक्ति अभियान को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक, विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश
नशा मुक्ति अभियान को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक, विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश
झुंझुनूं : जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नशा मुक्ति अभियान को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री एवं नशे के दुष्प्रभावों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों की ओर से की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस, नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन एवं भंडारण, एनडीपीएस अधिनियम के प्रकरणों तथा तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की। अधिकारियों को सूचनाओं के आदान-प्रदान और गंभीर मामलों में आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। नशीले पदार्थों की पहचान के लिए जांच किट की उपलब्धता, ई-सिगरेट एवं लाइटर पर कार्रवाई तथा राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 के प्रचार पर भी जोर दिया गया।
विद्यालयों में चलेगा जागरूकता अभियान
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के 500 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और नशे की गिरफ्त में आए बच्चों की काउंसलिंग कराने पर भी जोर दिया गया।
पुनर्वास और उपचार पर भी रहेगा फोकस
स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। नशा मुक्ति केंद्रों पर आने वाले लोगों का रिकॉर्ड संधारित कर आवश्यक जानकारी पुलिस के साथ साझा करने तथा नशा पीड़ितों की नियमित निगरानी और काउंसलिंग की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
अवैध खेती और दवाओं की बिक्री पर निगरानी
राजस्व विभाग को अवैध मादक पदार्थों की खेती पर निगरानी रखने तथा गिरदावरी के दौरान ऐसी फसलों की पहचान होने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए। औषधि नियंत्रण विभाग को प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने, मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने और दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
आबकारी विभाग को कच्ची व हथकड़ शराब तथा मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया। स्थानीय निकाय एवं कृषि विभाग को भी जागरूकता अभियान और अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं उत्पादन पर रोकथाम संबंधी गतिविधियां प्रभावी करने के निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि नशे की आपूर्ति पर अंकुश लगाने के साथ उसकी मांग कम करना और नशे की गिरफ्त में आए लोगों का पुनर्वास भी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से सूचना तंत्र मजबूत कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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