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खेतड़ी में मजदूर-किसान मांगों पर कांग्रेस यूथ एटक का प्रदर्शन:भाजपा सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, निजीकरण पर जताया विरोध


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खेतड़ी में मजदूर-किसान मांगों पर कांग्रेस यूथ एटक का प्रदर्शन:भाजपा सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, निजीकरण पर जताया विरोध

खेतड़ी में मजदूर-किसान मांगों पर कांग्रेस यूथ एटक का प्रदर्शन:भाजपा सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, निजीकरण पर जताया विरोध

खेतड़ी : खेतड़ी में सोमवार को राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस यूथ एटक (AITUC) के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। मजदूर एवं किसान मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर नाराजगी व्यक्त की और मजदूरों व किसानों के हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग

इस दौरान राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस यूथ एटक के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में किए गए बदलावों से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस यूथ एटक (AITUC) के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस यूथ एटक (AITUC) के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने, किसानों को लागत से 50 प्रतिशत अधिक लाभ सुनिश्चित करने तथा किसानों के कर्ज माफ करने की मांग भी रखी गई।

कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने, डीजल, खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की। इसके साथ ही, फसल बीमा योजना में किसानों की भागीदारी अनिवार्य नहीं करने और बीमा क्लेम का तत्काल भुगतान करने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में मंडी व्यवस्था में निजी कंपनियों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने तथा एमएसपी पर सरकार द्वारा 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा, कृषि कार्यों के लिए मुफ्त अथवा सस्ती बिजली उपलब्ध कराने और प्रतिदिन आठ घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

निजीकरण पर जताया विरोध

प्रदर्शनकारियों ने रेलवे, बैंक, बीमा, बिजली, कोयला, एयरपोर्ट व बंदरगाह जैसी सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण का विरोध करते हुए इसे रोकने की मांग की। ज्ञापन में बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा उठाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत कर नई भर्तियां करने की मांग भी की गई।

एटक पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. शीशराम गुर्जर, रामशरण लादी, भंवरलाल सैनी, संदीप नारोलिया, अनिल कुमार, दीपक धायल, अजय कुमार, सुरेशकुमार, संदीप कुमार, कुलदीप, हिमांशु, ओपेंद्र, सचिन कुमार, सोनू, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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