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छात्रा बोली- अचानक बस चलाई, गिरकर घायल हुई:कहा- स्टैंड से पहले रोडवेज के कंडक्टर ने उतारा, हाथ-पैर पर चोट, फोन भी टूटा


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छात्रा बोली- अचानक बस चलाई, गिरकर घायल हुई:कहा- स्टैंड से पहले रोडवेज के कंडक्टर ने उतारा, हाथ-पैर पर चोट, फोन भी टूटा

छात्रा बोली- अचानक बस चलाई, गिरकर घायल हुई:कहा- स्टैंड से पहले रोडवेज के कंडक्टर ने उतारा, हाथ-पैर पर चोट, फोन भी टूटा

झुंझुनूं : राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के बस ड्राइवर और कंडक्टर पर एक छात्रा ने लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। एक छात्रा गुरुवार को अपना कान का इलाज कराने के लिए बड़ा गांव स्टैंड से सीकर जाने वाली बस में बैठी थी। इसी दौरान ड्राइवर ने बस को पीरू सिंह सर्किल के बजाय गुढ़ा मोड़ पर रोक दिया।

जब छात्रा ने इसका विरोध किया और किराया वापस मांगा तो नहीं दिया। छात्रा जैसे ही बस से उतरने लगी तो ड्राइवर ने बस चला दी। जिससे छात्रा चलती बस से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में छात्रा के हाथ, दाएं पैर और कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उसका मोबाइल फोन भी पूरी तरह टूट गया। छात्रा ने आरोप लगाया है कि सड़क पर गिरकर तड़पने के बावजूद ड्राइवर और कंडक्टर उसे अस्पताल पहुंचाने या उसकी मदद करने के बजाय बस लेकर मौके से फरार हो गए।

हादसे में छात्रा के हाथ, दाएं पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं उसका मोबाइल फोन भी पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
हादसे में छात्रा के हाथ, दाएं पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं उसका मोबाइल फोन भी पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

भाई ने बड़ा गांव स्टैंड से बैठाया था

घायल छात्रा अनिशा ने बताया- झुंझुनूं के स्थानीय रास्तों की जानकारी नहीं थी। उसके भाई आकाश ने उसे बड़ा गांव स्टैंड से सीकर जाने वाली बस में बैठा​ दिया। उसे ‘पीरू सिंह सर्किल’ उतरना है, जहां से सीकर के लिए सीधी बस मिलनी थी। बस में बैठने से पहले ड्राइवर से पूछा भी था। जिस पर ड्राइवर ने हामी भरी थी।

घायल छात्रा ने आगे बताया- रास्ते में ड्राइवर और कंडक्टर ने अपनी मनमानी दिखाते हुए बस को पीरू सिंह सर्किल ले जाने के बजाय गुढ़ा मोड़ पर ही रोक दिया। सभी सवारियों को जबरन वहीं उतार दिया। अनिशा ने विरोध किया और वापस ब​काया किराया लौटाया जाए, इस पर रोडवेज कर्मियों ने उसकी एक नहीं सुनी।

ड्राइवर ने अचानक बस चलाई

घायल छात्रा अनिशा ने आगे बताया- जैसे ही बस थोड़ी धीमी हुई, तो मैं उतरने लगी। ड्राइवर ने अचानक बस की रफ्तार तेज कर दी। असंतुलन बिगड़ने के कारण मैं सीधे सड़क पर जा गिरी। गिरने से मेरे हाथ, पैर और कमर में गहरी चोटें आईं और मेरा मोबाइल भी टूट गया। बस ड्राइवर और कंडक्टर ने मदद करने के बजाय बस भगा ली। इस पर घायल छात्रा अनिशा ने सड़क किनारे पर एक दुकान से फोन मांगकर अपने भाई आकाश को घटना की सूचना दी।

झुंझुनूं रोडवेज डिपो ने हाथ खड़े किए

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद जब भाई आकाश न्याय की गुहार लगाने झुंझुनूं रोडवेज डिपो पहुंचा, तो डिपो प्रबंधक ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि यह बस श्रीगंगानगर डिपो की है। इसलिए इसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद जब पीड़ित भाई ने श्रीगंगानगर डिपो के प्रबंधक से फोन पर संपर्क किया, तो अधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उल्टे घायल छात्रा की ही गलती बता दी। गुस्से में झल्लाकर फोन काट दिया। रोडवेज अधिकारियों के इस अडियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है।

ग्रामीणों ने बस को रोकने की चेतावनी दी

रोडवेज प्रशासन के इस तानाशाही रवैये से गुस्साए पीड़ित भाई आकाश और ग्रामीणों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। आक्रोशित परिजनों ने चेतावनी दी है कि श्रीगंगानगर डिपो के मैनेजर ने हमारी बात सुनने के बजाय अभद्रता करते हुए फोन काट दिया। अब जब यही बस वापस बड़ा गांव स्टैंड पर आएगी, तो ग्रामीण मिलकर उसे वहीं रोकेंगे। जब तक वह डिपो मैनेजर खुद मौके पर आकर माफी नहीं मांगता और दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक बस को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

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