मनीष भामू मर्डर मामले में कॉन्स्टेबल की जमानत खारिज:घटना के दिन पूरी रात साथ था, करोड़ों के जमीन विवाद में राजीनामा करवाने वाला था
मनीष भामू मर्डर मामले में कॉन्स्टेबल की जमानत खारिज:घटना के दिन पूरी रात साथ था, करोड़ों के जमीन विवाद में राजीनामा करवाने वाला था
सीकर : सीकर के बहुचर्चित मनीष भामू मर्डर केस में सीकर की एडीजी कोर्ट 2 ने आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रदीप सिंह उर्फ मुकेश की जमानत खारिज कर दी है। घटना की पूरी रात कॉन्स्टेबल मृतक मनीष के साथ ही था। मृतक मनीष श्रवण भादवासी और रविंद्र कटेवा गैंग के बीच चल रहे करोड़ों रुपए के जमीनी विवाद का राजीनामा करवाने वाला था।
परिवादी के वकील राजेंद्र कुमार हुड्डा ने बताया कि 30 सितंबर 2025 को सीकर के उद्योग नगर पुलिस थाने में प्यारेलाल ने मुकदमा दर्ज करवाया कि 29 सितंबर को दोपहर के समय मनीष को महिपाल नाम का एक आदमी नवलगढ़ रोड पर बगिया होटल के पास से अपनी गाड़ी में बैठाकर रानोली लेकर गया। जहां पर रविंद्र कटेवा गैंग की शराब पार्टी चल रही थी।
शराब पार्टी का आयोजन इसलिए हो रहा था क्योंकि मनीष ने इस गैंग के श्रवण के साथ जमीन के लफड़े में कटराथल में हुए मारपीट के मामले में राजीनामा करवाने के लिए अपनी 5 बीघा जमीन श्रवण के पास गिरवी रख दी थी। गैंग को यही बात खटक रही थी।

फोन करवाकर मांगी थी फॉर्च्यूनर गाड़ी
शराब पार्टी होने के बाद गैंग के लोगों ने मनीष से उसके चाचा के लड़के दिनेश को कॉल करवाया और फॉर्च्यूनर गाड़ी मांगने को कहा। तब मनीष के भाई ने कहा कि फॉर्च्यूनर गाड़ी तो खिरोड़ में है। इसके बाद मनीष, रविंद्र कटेवा, महिपाल सिंह, मनोज और मुकेश उर्फ प्रदीप, रोहित करीब 10 बजे खिरोड़ गए और वहां से गाड़ी लेकर जयपुर के लिए निकल गए।
जमकर शराब पिलाई थी
रास्ते में मनीष को खूब शराब पिलाई गई। इसके बाद सुबह 6:30 बजे सतपाल धींवा ने सूचना दी कि मनीष की मौत हो गई, जिसको जयपुर से सीकर लेकर आ रहे हैं। यह मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन करते हुए कॉन्स्टेबल प्रदीप सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कोर्ट में जमानत पर बहस के दौरान कॉन्स्टेबल प्रदीप के वकील ने कहा कि मनीष को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। मृतक मनीष शराब पीने का आदी था उसकी मौत का कारण भी और ही है। प्रदीप के जेल में रहने के चलते परिवार आर्थिक रूप से काफी परेशान हो चुका है।

मनीष के साथ था मुख्य आरोपी
परिवादी के वकील राजेंद्र कुमार हुड्डा ने कोर्ट में कहा कि कॉन्स्टेबल प्रदीप के खिलाफ मनीष को जयपुर में फार्म पर ले जाकर जहर देकर स्विमिंग पूल के अंदर पानी में डालकर हत्या करने का आरोप है। कॉन्स्टेबल घटना के दिन पूरी रात मनीष के साथ ही था जो इस केस का मुख्य आरोपी है। दोनों पक्षियों के वकीलों की तर्क के आधार पर एडीजे कोर्ट 2 की जज डॉ वीनू नागपाल ने आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रदीप की जमानत खारिज कर दी।
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