दिलावर के बयानों पर डोटासरा बोले-कचरे की बात मत करो:शिक्षा का श लिखना नहीं आता वो शिक्षामंत्री, जिसे कुछ नहीं आता वो मुख्यमंत्री, दिलावर सरकार की बेइज्जती करवा रहे
दिलावर के बयानों पर डोटासरा बोले-कचरे की बात मत करो:शिक्षा का श लिखना नहीं आता वो शिक्षामंत्री, जिसे कुछ नहीं आता वो मुख्यमंत्री, दिलावर सरकार की बेइज्जती करवा रहे
सीकर : कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयानों से सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा विभाग की गरिमा और जिम्मेदारी समझनी चाहिए, वे ही विवादित बयान देकर सरकार की बेइज्जती करवा रहे हैं।
डोटासरा शनिवार शाम सीकर जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित छात्रों की गूंज अभियान के तहत संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को लक्ष्मणगढ़ जैसे स्थान पर जाकर शिक्षा और विकास की बात करनी चाहिए थी, लेकिन उनके बयान चर्चा का विषय बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन और मुख्यमंत्री को इस मामले में गंभीरता से विचार करना चाहिए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि मंत्री के आचरण से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है।
कार्यक्रम में सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, फतेहपुर विधायक हाकम अली, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, निवर्तमान सभापति जीवण खां, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिक्षा नीति पर बोले डोटासरा
संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नई शिक्षा नीति से जुड़ी समस्याओं को लेकर सुझाव रखे। डोटासरा ने कहा कि वर्ष 2028 में राजस्थान और 2029 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर शिक्षा नीति की समीक्षा की जाएगी और विद्यार्थियों की सुविधा के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को समझना जरूरी है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
सीकर मास्टर प्लान को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के मास्टर प्लान संबंधी बयान पर डोटासरा ने कहा कि सीकर शिक्षा नगरी है और इसके सुनियोजित विकास के लिए बेहतर योजना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मास्टर प्लान लागू नहीं करना चाहती तो पहले ही स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि 80 गांवों को यूआईटी में शामिल करने के बाद वहां विकास और सुविधाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं पर उठाई आवाज
डोटासरा ने कहा कि बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए और प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए जागरूक करना है। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर सुझाव भी लिए गए।
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