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राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के 42वें स्थापना दिवस पर मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन पर मंथन


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राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के 42वें स्थापना दिवस पर मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन पर मंथन

स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ और जन-केंद्रित हों, अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को मिले लाभ : प्रो. अखिल रंजन गर्ग

जोधपुर : भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (एनआईएचआर), जोधपुर के 42वें स्थापना दिवस समारोह “प्रगति-2026” के अवसर पर वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान “मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन में सहयोग के अवसर” विषय पर राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ पैनल चर्चा आयोजित की गई।

सत्र की अध्यक्षता बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिल रंजन गर्ग एवं अमेरिका के मैसाचुसेट्स में ग्लोबल अफेयर्स के निदेशक डॉ. अनिल पुरोहित ने की। पैनल चर्चा में बीटीयू के डीन इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट रिलेशन डॉ. गणेश पी. प्रजापत एवं एसोसिएट डीन डॉ. रितुराज सोनी ने मेडिकल टेक्नोलॉजी के विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि स्वास्थ्य अनुसंधान समाज को बेहतर और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नई चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आने वाला दशक मेडिकल टेक्नोलॉजी और हेल्थ इनोवेशन का दशक होगा। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योग जगत और चिकित्सा क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग जरूरी है, ताकि अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके।

डीन डॉ. गणेश पी. प्रजापत ने “ग्रीन क्लिनिक” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास आधारित स्वास्थ्य ढांचे को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।

एसोसिएट डीन डॉ. रितुराज सोनी ने मेडिकल रिसर्च को “लैब टू मार्केट” तक पहुंचाने की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित शोध को समाज तक पहुंचाने के लिए उद्योग, स्टार्टअप, नियामकीय संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

कार्यक्रम में मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन, स्वास्थ्य अनुसंधान और सहयोग की नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, जोधपुर के स्थापना दिवस समारोह में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

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