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मोहर्रम पर निकले ताजियों के जुलूस, मातमी धुनों के बीच कर्बला में हुए सुपुर्द-ए-खाक


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मोहर्रम पर निकले ताजियों के जुलूस, मातमी धुनों के बीच कर्बला में हुए सुपुर्द-ए-खाक

चूरू में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, जगह-जगह हुआ स्वागत और सम्मान

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को चूरू शहर में पूरी अकीदत, शांति और आपसी भाईचारे के माहौल में सम्पन्न हुआ। हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत की याद में शहर के विभिन्न इलाकों से ताजियों और आलम का जुलूस मातमी धुनों के साथ निकाला गया, जो देर शाम कर्बला पहुंचकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

शहर के सात अलग-अलग स्थानों से ताजियों के जुलूस रवाना हुए। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए श्रद्धा अर्पित की। जगह-जगह लोगों ने छबील, नियाज और शरबत की व्यवस्था कर सेवा कार्य किया।

जुलूस में अखाड़ों के उस्तादों ने अपने पारंपरिक करतब दिखाकर खिराज-ए-अकीदत पेश की। युवाओं ने मातमी धुनों के बीच विभिन्न प्रदर्शन किए। मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद अली खान ने बताया कि चूरू शहर में हर वर्ष सात ताजियों का जुलूस निकाला जाता है।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
मोहर्रम जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी गई, जिससे पूरे आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही।

सर्वसमाज ने निभाई सहभागिता
मोहर्रम के अवसर पर चूरू की गंगा-जमुनी तहजीब की झलक देखने को मिली। सर्वसमाज के लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और ताजियादारों व अखाड़ा उस्तादों का सम्मान किया।

धार्मिक आस्था के साथ निकले ताजिया जुलूस

सुबह से ही शहर में धार्मिक माहौल बना रहा। विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक ताजियों के जुलूस निकले, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मातम किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अखाड़ा उस्तादों को साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बसंत शर्मा ने कहा कि चूरू की संस्कृति आपसी भाईचारे और सद्भाव की प्रतीक है, यहां सभी समाज के लोग मिलजुलकर हर पर्व मनाते हैं।

विधानसभा संयोजक पदम सिंह राठौड़ ने कहा कि चूरू की धरती पर सभी त्योहार मिलकर मनाने की परंपरा रही है, यही हमारी संस्कृति की पहचान है।

भाईजी चौक पर राणा वेलफेयर की ओर से मोहम्मद राणा ने ताजियादारों और अखाड़ा उस्तादों का साफा पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया। इसके बाद अखाड़ों की सलामी हुई और ताजिए मातमी धुनों के साथ कर्बला पहुंचे, जहां अकीदत के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

मोहर्रम के अवसर पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नई सड़क क्षेत्र में शरबत सेवा शिविर लगाया।
मोहर्रम के अवसर पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नई सड़क क्षेत्र में शरबत सेवा शिविर लगाया।

जगह-जगह लगी शरबत और छबील की सेवा

मोहर्रम के अवसर पर शहर के कई स्थानों पर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने शरबत, पानी और छबील की व्यवस्था की। इन सेवा शिविरों में राहगीरों और ताजिया जुलूस में शामिल लोगों को पेयजल और शरबत वितरित किया गया, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

ताजिया जुलूसों के निर्धारित मार्गों पर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए। अधिकारियों ने पूरे आयोजन के दौरान लगातार निगरानी रखी, जिससे शहर में धार्मिक आस्था और अनुशासन का वातावरण बना रहा।

आरएलपी कार्यकर्ताओं ने भी निभाई सेवा की जिम्मेदारी

मोहर्रम के अवसर पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नई सड़क क्षेत्र में शरबत सेवा शिविर लगाया।

आरएलपी नेता विजय पूनिया ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर सेवा कार्य समाज में सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर जिला मंत्री सत्तार खान, धर्मेंद्र सैनी, सुरेश सारस्वत, मोहम्मद साबिर एडवोकेट, आमीन खान, ‌मोहन गढ़वाल, प्रदेश प्रवक्ता अख्तर खान, भागीरथ सैनी, नंदू मोजासीया, महेश मिश्रा, असलम डायर, हरीश वर्मा, जय सिंह टकनेत, निखिल प्रजापत, आकाश सैनी, भंवर सिंह सांखला, राजेश मटोलिया, नारायण बेनीवाल, इरसाद भाटी, अकरम भाटी, करण शर्मा, रतन चौहान,‌ शौकत खान चायल,‌ आदि‌ इसी क्रम में कांग्रेस ‌पार्टी से रियाजत खान, गोविन्द महनसरिया पूर्व सभापति, मोहम्मद हुसैन निर्माण, डॉ जमील चौहान, ‌ रमजान खान, असलम खोखर, आरिफ खान, सोहेल डी के ,सुलेमान मनिहार,‌ संजय भाटी, जाकिर झारीयावाला,‌ पिरजी याकील हुसैन,‌ आदि काफी संख्या में ताजियादारों का साफा बांध व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।

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