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प्रभावी प्रार्थना सभा से होगा विद्यार्थियों का पंचकोशीय विकास : हनुमान सिंह राठौड़


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प्रभावी प्रार्थना सभा से होगा विद्यार्थियों का पंचकोशीय विकास : हनुमान सिंह राठौड़

प्रभावी प्रार्थना सभा से होगा विद्यार्थियों का पंचकोशीय विकास : हनुमान सिंह राठौड़

सीकर : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) अजमेर के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, तोपदड़ा (अजमेर) में प्रांत स्तरीय प्रभावी प्रार्थना सभा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं प्रभावी प्रार्थना सभा के प्रायोगिक प्रदर्शन के साथ हुआ।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नवपदस्थापित अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने विद्यालयों में प्रभावी प्रार्थना सभा की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब उनके भावनात्मक, मानसिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं शारीरिक विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि पंचकोशीय विकास नई शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

महासंघ के संगठन महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि विद्यालयों को शिक्षा-तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी प्रार्थना सभा आधारशिला का कार्य करेगी।

कार्यशाला के द्वितीय सत्र में प्रार्थना सभा के राज्य समन्वयक संदीप जोशी ने प्रभावी प्रार्थना सभा के विभिन्न चरणों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

प्रांतीय कोषाध्यक्ष कैलाश चन्द्र कच्छावा ने विद्यार्थियों में राष्ट्रभाव, कर्तव्यनिष्ठा और कर्मयोग की भावना विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि संस्कारित और जिम्मेदार विद्यार्थी ही देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रदेश प्रार्थना सभा प्रकोष्ठ सदस्य नीतू शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में राजस्थान के सभी जिलों से एक-एक प्रतिनिधि ने भाग लिया। प्रतिनिधियों को अपने-अपने जिलों के विद्यालयों में प्रभावी प्रार्थना सभा की अवधारणा लागू करने का दायित्व सौंपा गया, ताकि विद्यार्थियों का व्यक्तित्व ज्ञान, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव से समृद्ध हो सके।

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